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सीसीएसयू: गर्ल्स हॉस्टल से तीन छात्राओं को निकालने पर जमकर बखेड़ा

Wed, 03 Apr 2019 01:20 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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एक साल से बिना दाखिले और फीस दिए रह रहीं तीन छात्राओं पर मंगलवार को यूनिवर्सिटी ने कार्रवाई कर दी। एक छात्रा ने विरोध में रात तक हंगामा किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि गलत तरीके से किसी को नहीं रहने दिया जाएगा। मामला यूपी के मेरठ जनपद का है। 

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सीसीएसयू के प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक दुर्गा भाभी गर्ल्स हॉस्टल में तीन छात्राएं एक साल से गलत तरीके से रह रही हैं। इनकी पढ़ाई पूरी हो चुकी है। ऐसे में यूनिवर्सिटी प्रशासन की तरफ से इनको कई बार हॉस्टल छोड़ने के लिए नोटिस जारी किया गया था। होली से पहले भी वार्डन ने हॉस्टल खाली करने को कहा था। होली के बाद तीनों छात्राएं फिर से हॉस्टल में आ गईं। मंगलवार सुबह वार्डन और प्रशासनिक अधिकारियों ने तीनों छात्राओं से सामान लेकर जाने को कहा तो वे इंकार करने लगीं। दबाव पड़ने पर एक छात्रा सामान लेकर चली गई। एक छात्रा अपने घर चली गई। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने वीडियोग्राफी कराते हुए उस छात्रा का सारा सामान पैक कराकर स्टोर रूम में रखवा दिया।

वहीं दोपहर को पीएचडी की तीसरी छात्रा से सामान लेकर जाने को कहा तो वह तीन दिन का समय मांगने लगी। इस पर प्रशासन ने साफ मना कर दिया। बताया कि छात्रा जनवरी 2018 में पीएचडी की थीसिस जमा कर चुकी है। अब वह हॉस्टल में नहीं रह सकती है। वीडियोग्राफी कराते हुए छात्रा का सामान पैक कराने की कोशिश की गई तो छात्रा ने शोर मचा दिया कि उसकी तबीयत खराब है। इस पर प्रशासनिक अधिकारियों ने मेडिकल कॉलेज से एंबुलेंस मंगवाकर छात्रा को अस्पताल भिजवा दिया। परिजनों को विवि ने पूरी जानकारी दे दी। रात को छात्रा वहां से दोबारा कैंपस पहुंच गई। फिर हंगामा कर दिया। छात्रा ने बताया कि उसके पिता रिटायर्ड सीओ हैं। छात्रा ने कहा कि विवि प्रशासन उसे और उसके सामान को घर इलाहाबाद भिजवाए। रात करीब दस बजे छात्रा अपने एक रिश्तेदार के घर गंगानगर चली गई।

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एक साल से है बकाया 
यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि एक छात्रा ने एमएससी टॉक्सोलॉजी किया था। उस पर 44350 रुपये बकाया हैं। दूसरी छात्रा भी एमबीए कर चुकी है, उस पर 44350 रुपये बकाया है। पीएचडी की थीसिस जमा करने वाली छात्रा पर 37525 रुपये बकाया हैं।

नियमानुसार की कार्रवाई
छात्राओं को कई बार हॉस्टल खाली करने के लिए वार्डन की तरफ से नोटिस जारी किया गया था। दाखिला खत्म होने के बाद वह यहां नहीं रह सकती हैं। उन पर हॉस्टल का काफी बकाया है। नियमानुसार कार्रर्वाई की गई है। - प्रो. बीरपाल सिंह, चीफ प्रॉक्टर सीसीएसयू

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