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Meerut: मदद के बहाने धर्म परिवर्तन, मंगतपुरम में दो साल से चल रही थी धर्मांतरण की पाठशाला, जांच शुरू

Sat, 29 Oct 2022 11:36 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ के मंगतपुरम में करीब दो साल से धर्मांतरण की पाठशाला चल रही थी, लेकिन एलआईयू को भनक तक नहीं लगी। यहां मदद के बहाने लोगों पर दबाव बनाकर धर्मांतरण कराया जा रहा था। मामला संज्ञान में आया तो हड़कंप मच गया। अब सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी हैं।
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धर्मांतरण के विरोध में हंगामा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ के मंगतपुरम में करीब दो साल से धर्मांतरण की पाठशाला चल रही थी, लेकिन एलआईयू को भनक तक नहीं लगी। शुक्रवार को खबर फैली तो बजरंग दल कार्यकर्ता और समाजसेवी सचिन सिरोही मंगतपुरम पहुंचे। उन्होंने क्रिश्चियन धर्म से जुड़ी किताबें और आर्थिक मदद लेने वाले लोगों की सूची ढूंढ ली। इस मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है। 

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पुलिस के मुताबिक, 20-25 साल पहले बारांबकी से दस लोग मंगतपुरम आए और खाली पड़े प्लॉट में झुग्गी-झोपड़ी बनाकर रहने लगे। अब इनकी संख्या 400 से ज्यादा बताई जा रही है। लॉकडाउन में भुखमरी मची तो इन लोगों की मदद के लिए दिल्ली के महेश पासचर पहुंचे। जो क्रिश्चियन बताए गए।

भरोसे में लेकर धर्म परिवर्तन के लिए किया प्रेरित
आरोप है कि महेश पासचर ने कुछ लोगों को भरोसे में लेकर झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों को क्रिश्चियन धर्म से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। नतीजा यह हुआ कि लोग चर्च में जाने लगे और धर्म परिवर्तन भी किया। यह सिलसिला करीब दो साल से चलना बताया गया।
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शुक्रवार को मामला एसएसपी ऑफिस पहुंचा तो पुलिस प्रशासन की नींद टूटी। बजरंग दल के दिलीप सिंह और समाजसेवी सचिन सिरोही ने बताया कि मंगतपुरम में मिलीं क्रिश्चियन धर्म की पुस्तकें और आर्थिक मदद लेने वालों की सूची का रजिस्टर पुलिस को सौंपा गया है। कार्यकर्ताओं का कहना कि गरीबी का फायदा उठाकर लोगों का धर्मांतरण कराया गया।

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धर्मातरण के विरोध में हंगामा - फोटो : अमर उजाला
मंगतपुरम में पुलिस बल किया तैनात
बजरंगदल कार्यकर्ताओं के मंगतपुरम पहुंचने और लोगों के हंगामा करने पर वहां पुलिस बल लगाया गया। पुलिस ने झुग्गी-झोपड़ी निवासियों को समझाया कि किसी के बहकावे में आकर कानून व्यवस्था न बिगाड़ेे। शिकायत पर कार्रवाई की जा रही है। सभी नामजद आरोपी गिरफ्तार होंगे। 

चैम्पियन ने खोली मंगतपुरम की पोल 
पुलिस के मुताबिक, झुग्गी में रहने वाले चैम्पियन नाम के युवक ने धर्मांतरण का विरोध किया है। लोगों के घरों से देवी-देवताओं के पोस्टर हटवाने के लिए रेलवे रोड निवासी अनिल व उसके साथियों को लगाया गया था। अनिल महेश पासचर का नौकर है। देवी-देवता के पोस्टर फाड़ने पर चैम्पियन ने समाजसेवी सचिन सिरोही को फोन कर सूचना दी। उसने पुलिस को धर्मांतरण कराए जाने के कई साक्ष्य समेत 50 से अधिक वीडियो सौंपे हैं। 

महंगी जमीन और धर्मांतरण की साजिश 
सीओ ब्रह्मपुरी बृजेश सिंह का कहना है कि मंगतपुरम में महंगी जमीन पर झुग्गी-झोपड़ी खाली कराने के लिए कई बार पुलिस प्रशासन के पास प्रार्थना पत्र पहुंचे हैं। जांच में सामने आया कि इस जमीन पर कब्जा करने के लिए दो लोगों के गुट बन गए हैं। एक गुट ने साजिशन धर्मांतरण का मामला कराया। कुछ लोगों के बयान में यह बात सामने आई है। इस बिंदु पर जांच की जा रही है। जिन लोगों पर मुकदमा दर्ज है, उनकी तलाश में दबिश जारी है। कुछ वीडियो और पुस्तकें मिली हैं। फिलहाल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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