मंदिर परिसर में शुरू हुई तैयारियां
मुख्यमंत्री के संभावित दौरे को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में साफ-सफाई का कार्य शुरू करा दिया गया है। जेसीबी की मदद से परिसर की सफाई कराई गई। साधु-संत लंबे समय से शंकर तालाब के जीर्णोद्धार और मंदिर के सौंदर्यीकरण की मांग करते रहे हैं।
आयोजकों का कहना है कि यह स्थान आदि शंकराचार्य और उनके शिष्यों की तपोस्थली एवं समाधि स्थल माना जाता है। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि मुख्यमंत्री से इस स्थान को तीर्थस्थल घोषित करने का अनुरोध किया जाएगा।
पांच हजार पौधे लगाने की तैयारी
बैठक में मौजूद भाजपा जिलाध्यक्ष हरवीर पाल सिंह ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान वृक्षारोपण अभियान भी चलाया जाएगा, जिसमें लगभग पांच हजार पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के आगमन की संभावना को देखते हुए सभी तैयारियां की जा रही हैं।
कब्रिस्तान विवाद का मुद्दा भी उठाने की तैयारी
मंदिर से जुड़े लोगों ने बताया कि क्षेत्र में लगभग 50 बीघा भूमि में फैले कब्रिस्तान को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। शंकराचार्य ट्रस्ट इस भूमि को अपनी तपोस्थली का हिस्सा बताते हुए इसे अवैध कब्जा होने का दावा करता है।
ट्रस्ट से जुड़े लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री के संभावित दौरे के दौरान इस विषय को भी उनके सामने रखा जाएगा। इस संबंध में विभिन्न पक्षों के दावे हैं और मामला लंबे समय से विवाद का विषय बना हुआ है।