प्रयोगशालाओं में यहां से निकलने वाले कचरे को एक बॉक्स में ही रखा जाएगा। सीसीएसयू के परिक्षेत्र की बात करें तो कैंपस-कॉलेजों में छह लाख के करीब छात्र-छात्राएं हैं। प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला ने बताया कि कैंपस में सभी विभागाध्यक्षों की तरफ से कक्षाओं का टाइम टेबल जारी किया जा चुका है।
गर्ल्स कॉलेज में ज्यादा, कोएड में रहती है संख्या कम
विश्वविद्यालय कैंपस को छोड़ दें तो कॉलेजों में छात्र-छात्राओं की संख्या बेहद कम रहती है। मेरठ की बात करें तो गर्ल्स कॉलेजों में छात्राओं की उपस्थिति अच्छी रहती है लेकिन कोएड कॉलेजों का बुरा हाल रहता है। यहां सिर्फ 20 से 30 फीसदी छात्र-छात्राएं ही आते हैं। गर्ल्स कॉलेजों में छात्राओं की संख्या ठीक रहेगी।
निजी विवि में भी चलेंगी कक्षाएं
निजी विश्वविद्यालयों में भी भौतिक रूप से कक्षाएं चलेंगी। सभी छात्र-छात्राओं को इस संबंध में उनके मोबाइल पर मेसेज भेज दिए गए हैं। कोविड-19 को लेकर जारी गाइड लाइन के हिसाब से ही कक्षों में छात्र-छात्राओं को बिठाया जाएगा।
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