मेरठ शहर के यातायात को रफ्तार देने के लिए 300 करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी है। शहर के लोगों ने भी यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए सुझाव दिए हैं। मंगलवार को एनएच-58 स्थित रिसॉर्ट में हैकथॉन (शहर की समस्याओं को लेकर प्रबुद्ध लोगों के साथ वार्तालाप) का आयोजन मेडा कर रहा है। इसमें शहर के विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग और जनप्रतिनिधि भी शिरकत करेंगे। इस हैकेथॉन की खासियत केवल चर्चा नहीं, बल्कि मंथन के बाद जमीनी स्तर पर काम शुरू करना होगा।
नमो भारत रैपिड ट्रेन मेरठ साउथ तक आ चुकी है। अब इसका अगला पड़ाव शताब्दी नगर है। अगले साल जून तक शहर में रैपिड दौड़ने लगेगी। इससे पहले ही शहर को जाम से निजात दिलाने का ब्लू प्रिंट तैयार किया जा रहा है। शहर के लोग भी इसमें बेबाकी से अपनी राय रख रहे हैं। मेडा उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने बताया कि करीब 300 करोड़ रुपये से शहर के यातायात को सुचारू व सुदृढ़ किया जाएगा। मंगलवार को शहर के अग्रणी लोग तथा जनप्रतिनिधियों के साथ हैकथॉन का आयोजन होगा।
मंगलवार को हैकेथॉन में होगा मंथन
मेडा के नगर नियोजक विजय कुमार सिंह ने बताया कि लोगों से सुझाव लिए गए थे। इसमें उन्होंने चौराहों के सुंदरीकरण, पार्किंग, फ्लाईओवर, एलिवेटेड रोड, सर्विस रोड, स्लिप रोड आदि मुद्दों को लेकर विचार रखे हैं। शहर को प्राधिकरण ने चार जोन बनाकर बांटा है। हर जोन में पार्किंग की भी जरूरत बताई गई है। मंगलवार को हैकथॉन में आर्किटेक्ट, व्यापारी, उद्यमी तथा सांसद, विधायक, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष तथा यूएमटीसी व ली एंड एसोसिएट्स के विशेषज्ञ और विभिन्न विभागों के अफसर रहेंगे।