हर गणनाकर्मी जुटाएगा करीब 800 लोगों का विवरण
जनगणना कार्य के लिए प्रत्येक गणनाकर्मी को लगभग 800 लोगों या 180 से 200 मकानों का डाटा जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा हर छह गणनाकर्मियों पर एक पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाएगा, जो पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा। सभी आंकड़े सीधे मोबाइल अनुप्रयोग के जरिए दर्ज किए जाएंगे।
रसोई के आधार पर तय होगा परिवार
जनगणना में इस बार रसोई को लेकर विशेष नियम तय किया गया है। एक ही रसोई में भोजन करने वाले लोगों को एक परिवार माना जाएगा। यदि एक ही मकान में दो अलग-अलग रसोई में भोजन बनता है तो उन्हें दो अलग जनगणना परिवार माना जाएगा। इसी तरह किसी भवन या उसके हिस्से का अलग मुख्य प्रवेश द्वार होने पर उसे अलग जनगणना मकान माना जाएगा।
यह भी पढ़ें: Meerut: पुनीत की मौत मामले में खुलासा, अफेयर का शक, बंधक बनाकर पिटाई, खौफ में छत से गिरे थे युवक-युवती