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खास रिपोर्ट: बाली उम्र में लग रहा बेमेल इश्क का रोग, इन डर्टी फिल्मों के असर से उड़ी परिजनों की नींद

Fri, 04 Jan 2019 08:07 PM IST
कपिल kapil अरीश रिज़वी, अमर उजाला, मेरठ
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फाइल फोटो
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समाज में आ रहा बदलाव या फिर फिल्मों और छोटे पर्दे का असर। वजह चाहे जो हो। लेकिन निशब्द, बीए पास, नशा, छोटी सी लव स्टोरी और मिस टीचर जैसी बेमेल उम्र के प्यार पर बनी फिल्मों की यह कहानियां हकीकत में भी सामने आ रही हैं। खास बात यह है कि इनमें 13-17 साल के लड़के-लड़कियों के प्रेमी या प्रेमिका उनसे दोगुने से भी ज्यादा उम्र के हैं। इस तरह के मामले जहां इन किशोर-किशोरियों को ‘मनोरोगी’ बना रहे हैं। वहीं इनके अभिभावकों की भी नींदें उड़ा रखी हैं।

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दरअसल, ऐसे अभिभावक खुद भी इन्हें लेकर जिला अस्पताल के किशोर-किशोरी स्वास्थ्य परामर्श केंद्र में आ रहे हैं और इनकी काउंसिलिंग करा रहे हैं। जिला अस्पताल में खुले इस केंद्र में पिछले साल 12 माह में 4259 किशोर-किशोरी लाए गए। इनमें 60 प्रतिशत किशोर थे और 40 प्रतिशत किशोरियां। इनमें करीब 20 प्रतिशत मामले ऐसे निकले हैं, जिनमें इनके प्रेमी या प्रेमिका इनसे दोगुने से ज्यादा उम्र के हैं। इनमें से कुछ ने ब्रेकअप होने के बाद आत्महत्या की कोशिश की, जबकि कुछ को उनके परिजनों ने इस तरह के रिश्तों से दूर हो जाने को कहा तो वह डिप्रेशन में चले गए।

आ रहे समलैंगिकता के भी मामले
किशोर-किशोरी स्वास्थ्य परामर्श केंद्र में समलैंगिकता के भी मामले आ रहे हैं। ऐसे भी तीन से पांच प्रतिशत मामले निकले हैं। खास बात यह है कि इनमें लड़के और लड़कियां दोनों के ही इस तरह के मामले हैं।

आत्महत्या की कोशिश की
17 साल के 12वीं के छात्र का 35 साल की महिला से अफेयर चल रहा था। इसकी भनक लगने पर लड़के के परिजनों ने महिला को लड़के से दूर रहने को कहा। महिला ने दूरी बना ली तो वह डिप्रेशन में चला गया और आत्महत्या की कोशिश की। उसकी काउंसिलिंग चल रही है।

डिप्रेशन में चली गई छात्रा
16 साल की 11वीं की छात्रा का 38 साल के युवक से अफेयर था। युवक ने उससे ब्रेकअप किया तो वह डिप्रेशन में चली गई। परिजनों ने उसे समझाया। लेकिन वह नहीं मानी। काउंसिलिंग में अब वह ठीक है।

ड्रग्स लेने लगा किशोर
17 साल का किशोर 42 साल की महिला से दोस्ती में अपने घर से पैसे भी चुराकर ले गया। जब परिजनों को पता चला तो उन्होंने उसे डांटा और महिला से दूर रहने को कहा। इसके बाद वह ड्रग्स लेने लगा। काउंसलरों ने काफी मशक्कत के बाद उसकी यह लत छुड़वाई है।

हत्याएं भी हो चुकीं 
परतापुर थाना क्षेत्र में पिछले साल एक व्यक्ति की हत्या कर शव फूंक दिया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि मरने वाले की बेटी का अपने चाचा से प्रेम प्रसंग चल रहा था। बेटी की उम्र करीब 17 साल है तो उसका चाचा करीब 40 साल का है। पुलिस का दावा है कि विरोध के चलते बेटी और चाचा ने मिलकर हत्या की इस वारदात को अंजाम दिया। पिछले साल लिसाड़ी गेट में 16 साल की लड़की का 42 साल के व्यक्ति से अफेयर था। इस कारण लड़की के पिता ने उस व्यक्ति की हत्या कर दी थी। हत्यारोपी जेल में है।
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काउंसिलिंग से करते सामान्य
ऐसे मरीज परिजनों को हस्तक्षेप या फिर ब्रेकअप के बाद वह आत्महत्या जैसा कदम उठा लेते हैं। काउंसिलिंग कर उन्हें सामान्य किया जाता है। - दिव्यांक दत्त, परामर्शदाता, जिला अस्पताल

पढ़ाई, कॅरियर पर करें फोकस
ऐसे किशोर-किशोरियों को समझाते हैं कि माता-पिता उनके बारे में बेहतर सोचते हैं, उनकी बातें समझें। अभी तो सारी उम्र पड़ी है। पहले पढ़ाई कर कॅरियर बनाना जरूरी हैं। - विभा नागर, काउंसलर, जिला सरकारी अस्पताल

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