समाज में आ रहा बदलाव या फिर फिल्मों और छोटे पर्दे का असर। वजह चाहे जो हो। लेकिन निशब्द, बीए पास, नशा, छोटी सी लव स्टोरी और मिस टीचर जैसी बेमेल उम्र के प्यार पर बनी फिल्मों की यह कहानियां हकीकत में भी सामने आ रही हैं। खास बात यह है कि इनमें 13-17 साल के लड़के-लड़कियों के प्रेमी या प्रेमिका उनसे दोगुने से भी ज्यादा उम्र के हैं। इस तरह के मामले जहां इन किशोर-किशोरियों को ‘मनोरोगी’ बना रहे हैं। वहीं इनके अभिभावकों की भी नींदें उड़ा रखी हैं।
दरअसल, ऐसे अभिभावक खुद भी इन्हें लेकर जिला अस्पताल के किशोर-किशोरी स्वास्थ्य परामर्श केंद्र में आ रहे हैं और इनकी काउंसिलिंग करा रहे हैं। जिला अस्पताल में खुले इस केंद्र में पिछले साल 12 माह में 4259 किशोर-किशोरी लाए गए। इनमें 60 प्रतिशत किशोर थे और 40 प्रतिशत किशोरियां। इनमें करीब 20 प्रतिशत मामले ऐसे निकले हैं, जिनमें इनके प्रेमी या प्रेमिका इनसे दोगुने से ज्यादा उम्र के हैं। इनमें से कुछ ने ब्रेकअप होने के बाद आत्महत्या की कोशिश की, जबकि कुछ को उनके परिजनों ने इस तरह के रिश्तों से दूर हो जाने को कहा तो वह डिप्रेशन में चले गए।