परतापुर थाने में दी गई तहरीर।
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रविवार को परतापुर थाने में तहरीर देते हुए खोड़ावल ने आरोप लगाया कि फिल्म में लगभग 27 मिनट 37 सेकेंड तक सैनिकों के बीच बातचीत के दौरान लगातार आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है, जिससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। शिकायत में विशेष रूप से एक ऐसे दृश्य का उल्लेख किया गया है, जहां एक कलाकार को जूता पॉलिश करते हुए दिखाया गया है। इसी दौरान दूसरे कलाकार द्वारा अपमानजनक जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया।
आरोप है कि यह संवाद जानबूझकर फिल्म में शामिल किया गया है, जो दलित समाज के सम्मान को ठेस पहुंचाता है और जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देता है। खोड़ावल ने कहा कि इस तरह के संवाद सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकते हैं और तनाव का माहौल पैदा कर सकते हैं। उन्होंने फिल्म के निर्देशक अनुराग सिंह, निर्माता भूषण कुमार, जेपी दत्ता, निधि दत्ता और वो कलाकार जिन्होंने आपत्तिजनक भाषा में बात की, उन पर एससी-एसटी एक्ट समेत कई धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी।
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