पित्त की थैली के ऑपरेशन के दौरान महिला की करीब एक वर्ष पूर्व मौत के मामले में ट्रक चालक पति ने तस्करी के लिए अंग चोरी करने का आरोप लगाया है। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर निजी अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही से मौत, धोखाधड़ी व आपराधिक साजिश की धारा में रिपोर्ट दर्ज की है। पोस्टमार्टम न होने के कारण अंग निकाले जाने की पुष्टि होना मुश्किल है। तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
रोहटा क्षेत्र के मीरपुर गांव निवासी ब्रिजेश कुमार शर्मा पेशे से ट्रक चालक हैं। कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी बबीता को पित्त की थैली में पथरी की शिकायत पर 2 अक्तूबर 2024 को एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। तीन अक्तूबर को ऑपरेशन के बाद वह कोमा में चली गई। 5 अक्तूबर की रात उसकी मौत हो गई।
अंतिम संस्कार से पहले नहलाते समय घर की महिलाओं ने बबीता के शरीर पर कई जगह चीरे और सिलाई के निशान देखे। इसके वीडियो बनाकर महिलाओं ने ब्रिजेश कुमार शर्मा को दिखाए। आरोप है कि उनकी पत्नी की मृत्यु के बाद अंग निकाले गए हैं। अस्पताल संचालकों का कहना है कि अस्पताल की छवि खराब करने की मंशा से झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाए गए हैं।