किसानों को उचित मुआवजा देकर उनकी जमीन ली जाए, इसको लेकर अधिकारियों को उक्त किसानों के साथ बैठक करने के डीएम ने निर्देश भी दिए। डीएम ने बताया कि हवाई पट्टी पर नागरिक उड्डयन को जमीन देनी है। जिसको लेकर पहले ही जिला प्रशासन तैयारी करने में लग जाए। सिटी मजिस्ट्रेट अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि हवाई पट्टी की स्थापना के समय 18.85 हेक्टेयर जमीन थी।
2010 में विस्तारीकरण होकर यह जमीन 53.55 हेक्टेयर हो गई है, जिसमें से सिर्फ 35.37 हेक्टेयर जमीन नागरिक उड्डयन के अभिलेखों में दर्ज है, बाकी की दर्ज कराने में प्रशासन जुटा हुआ है।
जिला प्रशासन को अब नये विस्तारीकरण करने में 54 हेक्टेयर जमीन वन विभाग की, 11 हेक्टेयर सरकार की, 9 हेक्टेयर विकास प्राधिकरण, दो हेक्टेयर पराग डेयरी और 130 हेक्टेयर जमीन किसानों से अधिग्रहण करानी है।
चार हेक्टेयर जमीन की जानकारी जुटाई
72 सीटर विमान की उड़ान के लिए 53.55 हेक्टेयर जमीन उड्डयन विभाग के अभिलेखों में दर्ज करने के लिए जिला प्रशासन जुट गया है। इसमें चार हेक्टेयर किसानों की जमीन का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। डीएम ने इसके लिए किसानों से बातचीत कर हल निकालने की बात कही।