उन्होंने हाईकोर्ट के इस निर्णय को पूरे प्रदेश के न्यायिक पीड़ितों के साथ अन्याय करना बताया। अधिवक्ताओं ने कहा कि देश की आजादी से लेकर वर्तमान तक लगातार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट बेंच की मांग चली आ रही है।
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इसमें पीड़ितों को सहूलियत देते हुए पूरे प्रदेश में जिला स्तर पर ई फाइलिंग करने की सुविधा दी गई थी और उसे शीघ्र चालू करने की घोषणा कर दी गई थी। परंतु इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा तत्काल रूप से उसे रोक दिया गया, जिस पर अधिवक्ताओं में बेहद आक्रोश है।
बुधवार को मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कुंवर पाल शर्मा महामंत्री विनोद चौधरी जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवदास जोशी महामंत्री विमल तोमर की अगुवाई में सैकड़ो अधिवक्ताओं ने भूख हड़ताल करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही विरोध में पुतला दहन भी किया। इस मांग को पूरा कराए जाने के लिए आगामी रणनीति बनाने और सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करने का विचार अधिवक्ताओं द्वारा दिए गए।