मेरठ में अधिवक्ता ओमकार तोमर आत्महत्या मामले में हस्तिनापुर क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य, प्रधान व चेयरमैन समेत 15 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को एडीजी मेरठ जोन राजीव सभरवाल से मिलने पहुंचा।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का कहना है कि यह पूरा प्रकरण फर्जी है। जिन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, उनकी गिरफ्तारी तब ही की जाए, जब अपराध साबित हो। उन्होंने कहा पुलिस ने दबिश डालनी शुरू कर दी है, जिस कारण बेकसूर वह लोग मानसिक प्रताड़ना झेलने को मजबूर हैं।
दबिश के साथ चल रहा पुलिस का 'खेल'
नामजद आरोपियों की तलाश में दबिश के साथ-साथ अब पुलिस का खेल भी शुरू हो गया है। सूत्रों के अनुसार दो आरोपियों को गंगानगर के थाने में मंगलवार देर रात तक सरेंडर करने की बात कही है। अन्य आरोपियों को धीरे-धीरे गिरफ्तार किया जाएगा। उधर, पुलिस अधिकारियों ने ओमकार के परिजनों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं से साफ कह दिया है कि विधायक दिनेश खटीक को अभी गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
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पुलिस ने सोमवार देर रात तक आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई जगह दबिश दी थी। मंगलवार को दबिश जारी रखने के साथ ही पूरे मामले को मैनेज भी करना शुरू कर दिया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि भाजपा के एक नेता ने दो नामजद आरोपियों को पुलिस को सौंपने की बात कही है।
अधिवक्ताओं के 48 घंटे के अल्टीमेटम के मद्देनजर मंगलवार को गंगानगर पुलिस और एसओजी की टीम ने कई जगह दबिश दी। इस दौरान एक भी नामजद आरोपी पुलिस द्वारा गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। आरोपी फरार हो गए हैं। पुलिस ने नामजद आरोपियों के परिवार के 10 लोग हिरासत में लिए हैं।
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