एडीजे कोर्ट संख्या-तीन के बाहर से किठौर में जानलेवा हमले का मुल्जिम पुलिस कस्टडी से फरार हो गया। आरोपी को लेकर आए पुलिसकर्मी तीन घंटे तक बिना किसी को सूचना दिए उसकी तलाश करते रहे। शाम को आरोपी के फरार होने की सूचना सिविल लाइन पुलिस को मिली तो हड़कंप मच गया। दोनों सिपाहियों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में लापरवाही के मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपी के परिजनों को हिरासत में ले लिया है।
बुधवार को किठौर थाने के सिपाही अंकित भाटी और विपिन कुमार जानलेवा हमले के आरोपी फरियाद और मारपीट के मामले में आरोपी अंशुल को कोर्ट लेकर आए थे। अंशुल के खिलाफ 2012 में दर्ज हुए मामले और फरियाद के खिलाफ 2021 में दर्ज मामले में वारंट थे। दोनों को एडीजी कोर्ट संख्या तीन में पेश किया गया। न्यायालय ने दोनों आरोपियों का रिमांड बनाकर जेल भेजने के आदेश दिए।
कोर्ट से निकलने के बाद दोनों सिपाही कागजों में लग गए। इसी बीच मौका पाकर फरियाद फरार हो गया। दूसरा मुल्जिम अंशुल वहीं खड़ा रहा। फरियाद के फरार होने पर दोनों सिपाही अंकुश को लेकर सदर हवालात में पहुंचे। उसे वहां छोड़ने के बाद फरियाद को तलाशने लगे। तीन घंटे तक दोनों ने सिविल लाइन पुलिस को कोई सूचना नहीं दी। शाम को छह बजे के करीब मुल्जिम के फरार होने की सूचना मीडिया पर पहुंची तो पुलिस के अधिकारियों को घटना की जानकारी हुई। सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी कचहरी पहुंचे और सीसीटीवी की फुटेज चेक कराई। रात तक सिविल लाइन और किठौर पुलिस फरियाद की तलाश में जुटी थी।
दोनों सिपाहियों ने जिस तरह से तीन घंटे तक घटना को छिपाए रखा है, उसको गंभीर लापरवाही मानते हुए एसएसपी डॉ. विपिन ताडा के आदेश पर उनके खिलाफ सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। सीओ सिविल लाइन ने बताया कि आरोपी की तलाश में दो टीमें लगाई गई हैं।