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मेरठ हादसा:  जाकिर कालोनी में मातम और मायूसी, मलबा दे रहा वक्त के आतंक की गवाही

Mon, 16 Sep 2024 10:35 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

जाकिर कालोनी में एक ही परिवार के दस लोगों की मौत के बाद मातम के हालात हैं। ढांढस दिलाने आने वाले लोग खुद ही जार-जार रो रहे हैं। 
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जाकिर कालोनी में मकान ढहने के बाद पड़ा मलबा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जाकिर कालोनी में हादसे को तीन दिन बीत गए हैं। पूरा इलाका अभी भी मातम की जद में है। परिजनों और रिश्तेदारों के विलाप से हर दिल जार-जार नजर आ रहा है। हालत यह है कि ढांढस बंधाने की कोशिश करते आसपास के लोग खुद ही फफक पड़ते हैं। उधर, पीड़ित परिजनों को सांत्वना देने के लिए विभिन्न दलों के राजनीतिज्ञ, सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों के आने का सिलसिला जारी है। वहीं, हादसे में घायल सायमा की हालत अस्पताल में स्थिर बनी हुई है।
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जेसीबी से हटाया जाता मलबा। - फोटो : अमर उजाला
शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे जाकिर कॉलोनी में नफ्फो उर्फ नफीसा (65) पत्नी अलाउद्दीन का तीन मंजिला मकान ढह गया था। हादसे में ऊपरी मंजिल पर मौजूद परिवार के 15 लोग और निचली मंजिल पर डेयरी में मवेशी दब गए गए थे। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के साथ पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया था। शनिवार रात मलबे से निकाले गए नफ्फो और उसका पुत्र साजिद (36), साजिद की पुत्री सानिया (15) और पुत्री रिया (10) व पुत्र साकिब (12), पड़ोसी रिश्तेदार सरफराज की पुत्री समरीन की मौत हो गई थी। 
 

जेसीबी से हटाया जाता मलबा। - फोटो : अमर उजाला
रविवार को साजिद के दूसरे भाई नईम की पत्नी अलीशा (25), अलीशा की छह माह की पुत्री रिमशा उर्फ हिमशा, दूसरे भाई नदीम की पत्नी फरहाना (27), तीसरे भाई आबिद की पुत्री आलिया (8) के शव निकाले गए। साजिद की पत्नी सायमा और सूफियान को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। नफ्फो के तीन पुत्र साकिब, नदीम और नईम को मामूली चोट आई थी। सूफियान को रविवार को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचे तो लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा था। गमगीन माहौल में शवों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया था। सोमवार को भी रिश्तेदारों का आना जारी रहा। हादसे को याद करते हुए पीड़ित परिजनों के आंसू थम नहीं रहे हैं। अभी भी पीड़ितों के दिल में हादसे की दहशत है।
 
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सुबह मलबा हटवाने का कार्य परिजनों ने रुकवाया
हादसे के बाद लगातार जारी मलबा हटाने का कार्य सोमवार सुबह परिजनों ने रुकवा दिया। परिजनों का कहना था कि उन्हें मलबे के नीचे दबा घर का सामान निकालना है, लेकिन मलबे में पशु दबे होने से आसपास के क्षेत्र में दुर्गध फैल गई। स्थानीय पार्षद इकरामुद्दीन बालियान ने बताया कि मंगलवार सुबह से मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह ने बताया कि परिजनों के अनुरोध पर सोमवार सुबह मलबा हटाने का कार्य रोका गया था। मंगलवार को पूरा मलबा हटाया जाएगा।
 
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