मेरठ में स्वीडन से आई 38 साल की महिला और 11 वर्षीय उनके बेटे को कोरोना की पुष्टि हुई है। कोरोना फिर से रफ्तार पकड़ता जा रहा है। अब जिले में कोरोना के 8 मरीज सक्रिय हो गए हैं। इनमें से चार विदेश से आए हुए हैं। गनीमत है कि अभी किसी को ओमिक्रॉन की पुष्टि नहीं हुई है।
मेरठ में स्वीडन से आई 38 साल की महिला और 11 वर्षीय उनके बेटे को कोरोना की पुष्टि हुई है। इसके अलावा सेंट मेरीज स्कूल का 11 साल का छठी कक्षा का छात्र भी कोरोना पॉजिटिव मिला है। इनके सैम्पल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए दिल्ली भेजे जाएंगे।
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पॉजिटिव आई महिला पति और बेटे के साथ 18 दिसंबर को नोएडा आई थी। वहां से 23 दिसंबर को मेरठ दौराला क्षेत्र में आई। विदेश से आने वालों की कोरोना की जांच की जा रही है, उसी के तहत इनके सैम्पल लिए गए थे, जिनकी रिपोर्ट शनिवार रात आई थी, महिला और उसके बेटे की रिपोर्ट पॉजिटिव थी, जबकि पति की रिपोर्ट नेगेटिव है।
रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इनसे सम्पर्क किया। यहां इनका परिवार रहता है। इनके परिवार और संपर्कवालों की एंटीजन रिपोर्ट नेगेटिव है। आरटीपीसीआर कि लिए चार दिन बाद सैम्पल लिए जाएंगे, ताकि संक्रमण का पता चल सके। कई बार सम्पर्क में आने पर तुरन्त जांच में संक्रमण नहीं आता है। वहीं, सेंट मरीज स्कूल का छात्र मवाना रोड का रहने वाला है। उसे कई दिन से खांसी जुकाम था, जांच कराई तो कोरोना की पुष्टि हुई।
स्कूली छात्रों और शिक्षकों की भी कराई जाएगी कोरोना की जांच
सर्विलांस अधिकारी डॉ अशोक तलियान ने बताया कि यह बालक 21 और 22 दिसंबर को स्कूल भी गया था। इस लिहाज से परिवार वालों के अलावा साथी छात्रों और संपर्क वाले शिक्षक व शिक्षिकाओं के भी सैम्पल लिए जाएंगे।
कोरोना फिर से पकड़ रहा रफ्तार, जीनोम सीक्वेंसिंग की रिपोर्ट आने में देरी
कोरोना फिर से रफ्तार पकड़ता जा रहा है। अब जिले में कोरोना के 8 मरीज सक्रिय हो गए हैं। इनमें से चार विदेश से आए हुए हैं। गनीमत है कि अभी किसी को ओमिक्रॉन की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि जीनोम सीक्वेंसिंग की रिपोर्ट आने में भी देरी हो रही है। 15-15 दिन बाद भी रिपोर्ट नहीं आ रही है।