श्रीराम बरात से पहले तैनात किया गया पुलिस बल।
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जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद महाराज की पैगंबर मुहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में सोमवार को मुंडाली गांव में बड़ी संख्या में युवा एकत्र हुए और जुलूस निकाला था। आरोपी हसीन की अगुवाई में निकाले जा रहे जुलूस में बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल रहे। जुलूस में शामिल लोगों ने तलवार और लाठी-डंडे लहराते हुए धार्मिक और देशविरोधी नारेबाजी की थी। गांव में दूसरे समुदाय के लोगों में दहशत फैल गई थी। घरों के दरवाजे बंद हो गए थे।
पुलिस मौके पर पहुंची और जुलूस रोकते हुए अनुमति पत्र मांगा था। जुलूस में शामिल लोगों ने पुलिस से गाली-गलौज करते हुए हमला कर दिया। इस दौरान पथराव भी किया गया। कार्यवाहक थाना प्रभारी मनीराम सिंह की ओर से गैरकानूनी सभा करने, देशविरोधी और भड़काऊ नारेबाजी, जानलेवा हमले की धाराओं और 7 क्रिमिनल एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
ये आरोपी किए गिरफ्तार
नवाजिश, जुबैर, जफरू, इरफान, शहजाद, नदीम, सहाने आलम, सरफाज, चांद, आलमगीर, मोहम्मद फैसल, शहजाद, रवीस, जीशान, सलमान को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में 14 मुंडाली के हैं। जबकि सलमान गाजियाबाद के कलछीना गांव का रहने वाला है। वह रिश्तेदारी में आया हुआ था।