Flood in Villages:बिजनौर बैराज से गंगा का जलस्तर 4.01 लाख क्यूसेक पर पहुंच गया था। यह पानी देर रात तक खादर क्षेत्र में पहुंचा तो बहुत नुकसान हो गया। वहीं डीएम डॉ. वीके सिंह ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उनका कहना है कि आठ गांव बाढ़ से प्रभावित हैं।
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सिरजेपुर के ग्रामीणों को नाव से से रेस्क्यू किया गया।
- फोटो : अमर उजाला
हस्तिनापुर के सिरजेपुर और फतेहपुर प्रेम गांव के समीप बृहस्पतिवार को तटबंध को तोड़कर बाहर निकले गंगा के पानी ने खादर क्षेत्र में जमकर तबाही मचाई हुई है। इसका खामियाजा खादर क्षेत्र के कई गांवों के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। अब यहां पर करीब आठ गांवों का संपर्क मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है। नाव से ही अवागमन किया जा रहा है।
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बाढ़ के पानी से पशुओं को सुरक्षित स्थान पर ले जाता ग्रामीण।
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बुधवार देर रात बिजनौर बैराज से गंगा का जलस्तर 4.01 लाख क्यूसेक पर पहुंच गया था। यह पानी देर रात तक खादर क्षेत्र में पहुंचा तो जमकर तबाही मचाई। गंगा के तेज बहाव ने कई स्थानों पर गंगा के तटबंध को क्षतिग्रस्त कर दिया। टूटे तटबंध से पानी निकलकर खादर क्षेत्र के गांवों की ओर बढ़ गया और सुबह होते-होते कई घरों में पानी भर गया। इससे ग्रामीण दहशत में आ गए।
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बोट से भ्रमण करते पीएससी के जवान।
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बृहस्पतिवार की सुबह क्षेत्र के मखदूमपुर, बस्तौरा नारंग, दूधली, लतीफपुर, भीमकुंड, किशनपुर, हादीपुर गांवड़ी, सिरजेपुर, बधवा खेड़ी आदि गांवों में बाढ़ का पानी भर गया। साथ ही इन गांवों में आवागमन के लिए मार्ग भी पूरी तरह से बंद हो गया।
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लतीफपुर गांव में भरा बाढ़ का पानी।
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गंगा का बढ़ता जल स्तर देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने बुधवार को ही ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की अपील की थी, परंतु ग्रामीण अपने घरों को छोड़कर जाने के लिए तैयार नहीं हुए थे। बृहस्पतिवार सुबह जब चारों ओर से ग्रामीण पानी से घिर गए तो उन्हें नाव के सहारे रेस्क्यू किया गया और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
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दूधली गांव में लोगों से बातचीत करते सपा के पूर्व राज्यमंत्री प्रभुदयाल वाल्मीकि।
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खाद्य सामग्री, चिकित्सा सेवा कराई मुहैया
एडीएम वित्त एवं राजस्व सूर्यकांत त्रिपाठी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में लगातार बाढ़ राहत कार्य किया जा रहा है। ग्रामीणों तक खाद्य सामग्री चिकित्सा सेवा और पशुओं के लिए आवश्यक दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं। साथ ही जो ग्रामीण गांव से बाहर आ रहे हैं, उन्हें रेस्क्यू कर लाया जा रहा है। इसके लिए पीएसी की फ्लड कंपनी और एक नाव लगाई गई है।
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फतेहपुर प्रेम गांव के समीप क्षतिग्रस्त तटबंध को दुरुस्त करते ग्रामीण।
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गंगा के जलस्तर में मामूली गिरावट
बृहस्पतिवार को बिजनौर बैराज से गंगा के जलस्तर में मामूली सी गिरावट दर्ज की गई। अभियंता पीयूष कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार की शाम 5:00 बजे बिजनौर बैराज से गंगा का जलस्तर 2.39 लाख क्यूसेक चल रहा था। जलस्तर भले ही कम हो गया हो, परंतु खादर क्षेत्र के लोगों की परेशानी कम नहीं हो रही है। टूटे तटबंध से बाहर निकला पानी ग्रामीणों की परेशानियों को बढ़ा रहा है।
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मखदूमपुर गांव में आया बाढ़ का पानी तो खेलने लगे बच्चे।
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बाढ़ के पानी में मस्ती करने लगे बच्चे
गांव में बाढ़ का पानी पहुंचने पर जहां एक ओर जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है और ग्रामीणों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं बच्चे गंगा के पानी में मस्ती करते नजर आए। वह घर से बाहर निकल कर घंटों गंगा के पानी में अठखेलियां करते रहे। वहीं खादर क्षेत्र में कई गांवों में बच्चे गंगा के पानी के बीच से होकर स्कूल जाते भी नजर आए।
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बाढ़ के पानी से निकलकर स्कूल जाते बच्चे।
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24 घंटे तक गांव की ओर बढ़ेगा पानी
गंगा के जल स्तर में भले ही गिरावट दर्ज की गई हो, परंतु अभी जंगल और टूटे तटबंध से जो पानी बाहर निकल रहा है, वह खादर क्षेत्र के लोगों की मुश्किलों को बढ़ा रहा है। पानी लगातार गांव में पहुंचकर उनके घरों में भर रहा है। इससे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का पानी गांव में आने से उनके घरों में दरारें दिखने लगी है, जिससे अब घरों में रहना भी किसी खतरे से खाली नहीं है। परंतु मजबूरी है कि वह दूसरे स्थान पर कहां जाएं। उनके पास किसी सुरक्षित स्थान पर ठिकाना नहीं है।
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बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा करे डीएम।
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डीएम ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा
डीएम डॉ. वीके सिंह ने एडीएम सूर्यकांत त्रिपाठी, एसडीएम संतोष कुमार एवं सिंचाई विभाग सहित कई अधिकारियों के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। फतेहपुर प्रेम गंगा घाट पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त तटबंध को तुरंत दुरुस्त करने के सिंचाई विभाग को निर्देश दिए। स्थानीय ग्रामीणों ने तटबंध को दुरुस्त कर पानी के रिसाव को रोका।
जिलाधिकारी ने तारापुर, लतीफपुर में स्थापित बाढ़ चौकी का निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ चौकियां पर पशुपालन विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीम को सख्त निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित गांवों में जाकर राहत कार्यों को किया जाए। जिन किसानों को पशुओं के लिए दवाइयों की जरूरत है, उन्हें तुरंत दवाइयां उपलब्ध कराई जाए। ग्रामीणों को भी तुरंत दवाइयां उपलब्ध कराई जाएं।
आठ गांव हैं बाढ़ प्रभावित : डीएम
डीएम वीके सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार रेस्क्यू किया जा रहा है। खादर क्षेत्र के करीब आठ गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। राशन, चिकित्सा सुविधा आदि सभी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। इसके लिए बाढ़ चौकियों पर विशेष टीम तैनात की गई है जो 24 घंटे काम करेंगी।