कंकरखेड़ा निवासी सौरव राठी की एसयूवी 10 वर्ष पुरानी हो चुकी है। आरटीओ से इन्हें वाहन एनसीआर के जिलों में न चलाने के लिए नोटिस भेजा जा चुका है।
गंगानगर निवासी जय कुमार की पेट्रोल चालित सेंट्रो कार 15 साल पूरी कर चुकी है। नोटिस के बावजूद इन्होंने कोई जवाब आरटीओ को नहीं दिया है। वाहन स्क्रैप भी नहीं हुआ है।
खुलेंगे वाहन कबाड़ केंद्र
परिवहन अधिकारियों का कहना है कि मेरठ समेत प्रदेश भर में वाहन कबाड़ केंद्र खोले जाएंगे। यहां पर वाहन मालिक अपने निष्प्रयोज्य वाहनों को सौंपकर प्रमाणपत्र ले सकेंगे। कबाड़ केंद्र में वाहनों की उचित कीमत दी जाएगी।
नया वाहन खरीदने पर मिलेगी 5 फीसदी छूट
कबाड़ हो चुके वाहन की कुल कीमत का छह फीसदी नकद धनराशि मिलेगी। इसके साथ ही एक प्रमाणपत्र भी मिलेगा, जिसे दिखाकर वाहन खरीद पर टैक्स में पांच फीसदी की छूट मिलेगी।
84264 : जिले में पंजीकृत कुल डीजल वाहन।
24354 : 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहन।
835317 : जिले में पंजीकृत कुल पेट्रोल वाहन।
134237 : 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहन।
27980 : जिले में पंजीकृत कुल सीएनजी वाहन।
2440 : 15 साल से अधिक पुराने सीएनजी वाहन।
947543 : जिले में कुल ऑनरोड वाहन।
161031 : जिले में कुल प्रतिबंधित वाहन।
एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल व 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन प्रतिबंधित किए गए हैं। जनपद में इन प्रतिबंधित वाहनों की संख्या 1.61 लाख से ज्यादा हो चुकी है। वाहन स्वामियों को एनओसी के लिए एक नोटिस भेजा जा चुका है। एक नोटिस और भेजा जाना है। इसके बाद वाहन लिया जाएगा। -हिमेश तिवारी, आरटीओ, मेरठ