माइक्रो बायोलॉजिकल जांच के लिए नमूने भरे
हाजी याकूब के कानूनी सलाहकार धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि पहली जांच में पैक मीट में भी फंगस बताया गया था। वह उस जांच से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने न्यायालय से फैक्टरी में स्टोर किए गए मीट की दोबारा से माइक्रो बायोलॉजिकल जांच कराने की मांग की थी। कोर्ट ने मांग को मानते हुए मीट की दोबारा जांच के आदेश दिए।
इसके बाद शुक्रवार को मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी, केस मे विवेचक थानाध्यक्ष किठौर व गांव अल्लीपुर निवासी दो व्यक्तियों को शामिल कर एक कमेटी का गठन किया गया। शुक्रवार को यह कमेटी खरखौदा पुलिस की मौजूदगी में सुबह 10 बजे फैक्टरी पहुंची और नमूने लेने की प्रक्रिया शाम छह बजे तक चली। इस कार्रवाई में फैक्टरी में स्टोरेज में रखे मीट के करीब 40 नमूने लिए गए।
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हाजी याकूब व उनके दोनों बेटे हैं फरार
हाजी याकूब की पत्नी संजीदा बेगम की जमानत हो चुकी है। वहीं अभी तक हाजी याकूब व उनके दोनों बेटे इमरान व फिरोज फरार चल रहे हैं।