फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गंगा के जलस्तर में भारी वृद्धि, सिरजोपुर में घुसा पानी

विज्ञापन
विज्ञापन
गंगा के जलस्तर में भारी वृद्धि, सिरजोपुर में घुसा पानी
विज्ञापन

हस्तिनापुर। कई दिनों से पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश के कारण गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। रविवार को खादर क्षेत्र में तीन जगह तटबंध टूटने से करीब एक दर्जन गांवों के संपर्क मार्गों में पानी भर गया। किसानों की सैकड़ों हेक्टेयर फसल जलमग्न हो गई। सिंचाई विभाग के अनुसार, बीते 24 घंटों में जलस्तर में एक लाख क्यूसेक की वृद्धि दर्ज की गई है। क्षेत्र के गांव सिरजोपुर में लोगों के घरों तक पानी पहुंच गया।
खादर क्षेत्र के गांव फतेहपुर प्रेम और सिर्जेपुर में गंगा का तटबंध टूटने से पानी कई गांवों की ओर बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने टूटे तटबंध पर पानी को रोकने का प्रयास किया, लेकिन गंगा के रौद्र रूप के सामने हर कोशिश नाकाम साबित हो गई। ग्रामीणों ने मामले की जानकारी प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी, लेकिन उनकी ओर से भी पानी को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया। ग्रामीण जलस्तर घटने की उम्मीद लगाए गांव में जमे हैं, जबकि प्रशासन लोगों को गांव से बाहर शरण लेने की चेतावनी दे चुका है। शनिवार शाम 6 बजे बिजनौर बैराज से गंगा का जलस्तर तीन लाख 25 हजार क्यूसेक चल रहा था। रविवार सुबह तीन बजे जलस्तर चार लाख 25 हजार क्यूसेक पर पहुंच गया।
विज्ञापन

अधिकारियों ने लिया स्थिति का जायजा
सैकड़ों हेक्टेयर खेत जलमग्न होने के बाद बाद भी प्रशासनिक अधिकारी बाढ़ जैसी स्थिति मानने को तैयार नहीं है। रविवार को खादर क्षेत्र के रठौरा कला, हसापुर परशापुर, फतेहपुर प्रेम आदि गांवों का जायजा लेने एसडीएम कमलेश गोयल, तहसीलदार अजय कुमार उपाध्याय और थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह ट्रैक्टर के सहारे पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को मदद का आश्वासन देकर सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों के लिए हस्तिनापुर के राजकीय इंटर कॉलेज में बनाए गए कैंप में व्यवस्था की गई है।
खादर के 19 गांवों में बाढ़ का खतरा
तटबंध टूटने से खादर क्षेत्र के करीब 19 गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इससे करीब 12 हजार की आबादी प्रभावित होगी। सिरजोपुर, हादीपुर गांवडी, बधवा, हरिपुर, प्रेमपुर, चामरोद, मखदूमपुर, फतेहपुर प्रेम, चामरोद, मानपुर, दुपेड़ी चाव, खेड़ी कलां मकदुमपुर, जलालपुर जोरा, खीमीपूरा आदि गांवों की ओर पानी तेजी से बढ़ रहा है। धान, गन्ने की पूरी फसल डूब गई है। गंगा किनारे के गांवों में चार से पांच फीट पानी पहुंच चुका है।
कई गांवों की विद्युत आपूर्ति बंद
बिजली विभाग ने हादसे की आशंका को देखते हुए खादर क्षेत्र के कई गांवों की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी है। विद्युत उपखंड के जेई बिजेंदर कुमार ने बताया कि जलस्तर घटते ही विद्युत आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल जिन गांवों में पानी भर गया है, वहां की आपूर्ति बंद कर दी गई है।
मुख्यमंत्री को हालात से कराएंगे रूबरू
रविवार को क्षेत्रीय विधायक दिनेश खटीक ने कई गांवों में ग्रामीणों का हाल जानने के बाद फतेहपुर प्रेम में टूटे तटबंध का जायजा लिया। बिजनौर बैराज से जलस्तर की जानकारी ली। सिंचाई विभाग के अधिकारियों और बीडीओ को टूटे तटबंध को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वह हालात से मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगे। वहीं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर सिंह के प्रतिनिधि नीरज नागर ने भी फतेहपुर प्रेम स्थित गंगा घाट टूटे तटबंध का जायजा लिया।
अभी बाढ़ जैसे नहीं हालात
क्षेत्र में अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं। निचले इलाकों में गंगा का पानी पहुंचा है। हालात बिगड़ने पर एनडीआरएफ और फ्लड कंपनी को बुलाया जाएगा। फिलहाल स्थिति पर पूरी नजर है। -कमलेश गोयल, एसडीएम
तटबंध बचाने के प्रयास जारी
सिंचाई विभाग ने जो तटबंध तैयार कराया गया है। वह सुरक्षित है। गांव वालों ने जो कच्चा तटबंध तैयार किया था, वह कई जगह से टूटा है। जितना संभव था, पानी को रोकने का प्रयास किया गया। तटबंध को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। -पीके जैन, एसडीओ, सिंचाई विभाग
सुरक्षा के इंतजाम अधूरे : विपिन मनोठिया
हस्तिनापुर। रविवार को सपा नेता विपिन मनोठिया ने खादर क्षेत्र के कई गांवों का दौरा कर लोगों का हाल जाना। उन्होंने कहा कि कई गांवों के संपर्क मार्ग टूटने वाले हैं, लेकिन शासन प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए हैं। क्षेत्र में अभी तक न तो नाव की व्यवस्था की गई है और न ही एनडीआरएफ की टीम पहुंची है। बाढ़ आने से पूर्व ही सुरक्षा के इंतजाम किए जाने चाहिए थे। उन्होंने क्षेत्र के लोगों को आश्वासन दिलाया कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को स्थिति से अवगत कराकर हर संभव मदद दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
पशुओं के लिए चारे की दिक्कत
परीक्षितगढ़। गंगा किनारे के खेतों में पानी भरने से पशुओं के लिए चारे की दिक्कत हो गई है। खादर क्षेत्र के ग्राम खरखाली, शिव नगर, काली नगर, झब्बापुरी, वीरनगर, मिर्जापुर, कुंडा में प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से गंगा के आसपास नहीं जाने की अपील की है। इसके बावजूद रविवार को दशहरा पर्व पर सैकड़ों लोग गंगा स्थान के लिए पहुंचे।
मखदूमपुर में पानी में सड़क डूबी
मवाना। मखदूमपुर में गंगा का पानी सड़क पर आ गया है। वहां स्थित गंगा मंदिर तक पानी पहुंच गया है। जंगलों में गंगा का पानी भर जाने से फसलें डूब गई हैं। मखदूमपुर के प्रधान पति भारत ने बताया कि यदि गंगा के जलस्तर में इसी प्रकार वृद्धि होती रही तो लोगों को घरों से पलायन करना पड़ सकता है। बस्तौरा और दूधली के जंगल में भी पानी भर गया है।
छह बाढ़ चौकी स्थापित कीं
मवाना। तहसील प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए छह बाढ़ चौकी स्थापित की हैं। यहां चार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। एक बाढ़ चौकी गांव किशोरपुर में भी बनाई गई है। इस चौकी से ग्रामीण अनभिज्ञ हैं। ग्राम प्रधान पति ऋषिपाल सिंह का कहना है कि गांव में कोई बाढ़ चौकी नहीं है। वहीं एसडीएम का कहना है कि प्राइमरी स्कूल में बाढ़ चौकी बनाई गई है।
11 साल पहले गंगा ने उजाड़ दिया था गांव
मवाना। वर्ष 2000 में गंगा ने गांव मखदूमपुर का कटान कर दिया था। इस कारण गांव पूरी तरह से उजड़ गया था। बाद में गांव वालों कुछ दूरी पर बसाया गया था। एक बार फिर गंगा मखदूमपुर से सटकर बह रही है। यदि जल स्तर में वृद्धि हुई तो फिर से वही हालात बन सकते हैं।
विज्ञापन

बाढ़ चबूतरों की नहीं हुई सफाई
मवाना। बाढ़ के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थान देने के लिए शासन नेे बाढ़ चबूतरों का निर्माण कराया था। शनिवार को डीएम के दौरे के बाद बाढ़ चबूतरों की सफाई कराने का दावा किया गया था, लेकिन रविवार को वहां कोई काम नहीं हुआ। मामले में एसडीएम का कहना है कि कुछ बाढ़ चबूतरों का उन्होंने निरीक्षण किया है। कुछ रह गए हैं। सभी बाढ़ चबूतरों की सफाई कराने के लिए मनरेगा मजदूरों को लगाने के आदेश दिए गए हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें