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मेरठ: मिलावटी तेल की खुली पोल तो रातोंरात उखाड़ ले गए डीजल पंप, सामने आई पूरी सच्चाई

Fri, 20 Sep 2019 05:29 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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माफिया ने बडावली मार्ग से उखाड़ा बायोडीजल पंप - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ में हस्तिनापुर के लतीफपुर और इंचौली के मैथना गांव के बाद तेल माफियाओं का रातोंरात मशीन उखाड़कर भागने का सिलसिला जारी है। अब बहसूमा कस्बे के बटावली मार्ग स्थित बायो डीजल पंप की मशीन को बुधवार रात माफिया उखाड़कर ले गए। यह बायो डीजल पंप पुरानी मशीन के साथ बीते छह माह पूर्व ही संचालित हुआ था। जैसे ही मिलावटी तेल के खेल की पोल खुली और कार्रवाई शुरू हुई, तो डीजल पंप संचालक मशीन उखाड़कर भाग निकला। 

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कस्बे के बटावली मार्ग पर स्थित एक बायो डीजल पंप करीब छह माह पूर्व संचालित हुआ था। यहां पर धड़ल्ले से बायो डीजल के नाम पर डीजल की बिक्री की जा रही थी। लेकिन मेरठ में जैसे ही नकली तेल के कारोबार का भंडाफोड़ हुआ, वैसे ही बायो डीजल के नाम पर चल रहे ये अवैध डीजल पंप भी न केवल बंद होना शुरू हो गए, बल्कि इनके संचालकों ने मशीन आदि भी उखाड़नी शुरू कर दी। बटावली मार्ग स्थित इस डीजल पंप पर अब सिर्फ कमरा है, जिस पर ताला लगा है। इस अवैध डीजल पंप के दो मालिक खतौली और घटायन निवासी बताए गए हैं। 

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अब हुआ अवैध होने का शक 
क्षेत्र के लोगों के अनुसार इस डीजल पंप पर सेल्समैन बाहर के थे। यदि किसी किसान ने डीजल खरीदते वक्त किसी सेल्समैन का नाम पूछ लिया तो अगले दिन उसके स्थान पर नया सेल्समैन होता था। लेकिन तब किसी को कोई शक नहीं हुआ। जैसे ही नकली तेल के कारोबार की पोल खुली और पुलिस व प्रशासनिक कार्रवाई होना शुरू हुई तो यह डीजल पंप भी रातोंरात बंद हो गया और मालिक मशीन तक उखाड़कर ले गए। 

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सज्जन सिंह नहीं, उनकी बहन का है पेट्रोल पंप
हस्तिनापुर में लतीफपुर स्थित इंडियन ऑयल पंप की मशीन खराब होने के बाद क्षेत्र में डीजल और पेट्रोल की अवैध रूप से बिक्री करने वाले माफिया सक्रिय हो गए थे। जिसके बाद शासन-प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं गया। नतीजा यह निकला कि माफियाओं के चक्कर में पंप मालिक के भाई का नाम अवैध डीजल व पेट्रोल के लिए उछाल दिया गया।

बता दें कि लतीफपुर में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन का पेट्रोल पंप हैं, जिसका लाइसेंस गुरमीत कौर के नाम है। गुरमीत कौर लतीफपुर ग्राम प्रधान के पति सज्जन सिंह की बहन हैं। पेट्रोल पंप पर काम कर रहे कर्मियों की लापरवाही से करीब दो साल पहले एक मशीन में कोई तकनीकी कमी आ गई थी। उसी दौरान पेट्रोल पंप पर आपूर्ति विभाग की टीम ने जांच की और मशीन में कमी को देखते हुए पेट्रोल पंप सील कर दिया। तब से ही यह पेट्रोल पंप बंद पड़ा हुआ है। इस मामले में ग्राम प्रधान पति सज्जन सिंह ने बताया कि उनका किसी अवैध पंप से कोई लेना देना नहीं है। उनकी छवि बिगाड़ने के लिए कुछ लोग बेवजह उनका नाम घसीट रहे हैं।

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