मेरठ। जिले के सभी स्कूलों के वाहनों को एक पोर्टल पर चढ़वाने और वाहनों की फिटनेस, प्रदूषण समेत सभी दस्तावेज पूरे कराने में अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं। परिवहन विभाग और बेसिक शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी स्कूलों के चक्कर लगा रहे हैं। इससे सभी स्कूली वाहनों की फिटनेस का झंझट खत्म हो जाएगा।
जिले भर में अधिकर सभी बड़े स्कूलों में बच्चे स्कूली बस व कारों से ही आते हैं। सभी स्कूली वाहनों की नियमित समय पर फिटनेस हो और चालक के स्वास्थ्य की भी जांच हो, इसके लिए सभी स्कूली वाहनों का रिकॉर्ड वाहन पाेर्टल पर चढ़ना अनिवार्य कर दिया गया है ताकि किसी भी घटना के होने पर विभाग को दिक्कत न झेलनी पड़े।
सरकार के इस आदेश के बाद से परिवहन विभाग के साथ साथ शिक्षा विभाग के अधिकारी जिले के सभी स्कूली वाहनों का डाटा इक्ट्ठा करने में जुटे हैं। सभी स्कूलों में पहुंचकर स्कूल संचालकों को अपने वाहनों का डाटा देने के लिए कहा जा रहा है। आरटीओ प्रशासन अनीता सिंह का कहना है कि प्राथमिकता पर यह कार्य किया जा रहा है। जिन स्कूलों के पास वाहन नहीं हैं वह शपथ पत्र जमा कर सकते हैं। सभी स्कूलों को अपने वाहनों का रिकॉर्ड देना ही होगा।