हिंदी में रोजगार के साधन चाहिए
युवाओं को हिंदी के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए हिंदी में रोजगार के साधन बढ़ाने की आवश्यकता है। टर्की या अन्य देशों की तुलना में हिंदी को प्रोत्साहित करने के लिए अभी हमें लगातार प्रयास करने होंगे। पुस्तक पढ़ने का शौक कायम रखना जरूरी है। युवा सोशल साइट्स पर हिंदी के संदेश देवनागरी लिपी में लिखकर एक छोटी सी शुरुआत कर सकते हैं। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
15 वर्ष के लिए दिया था अंग्रेजी को स्थान
आईएएस एवं लेखक निशांत जैन ने बताया कि उनकी प्रिय पुस्तक ‘रुक जाना नहीं’ रही। यह पुस्तक युवाओं और विद्यार्थियों को केंद्र में रखकर लिखी। पुस्तक ‘राजभाषा के रूप में हिंदी’ नेशनल बुक ट्रस्ट के द्वारा प्रकाशित की गई। उन्होंने बताया कि संविधान में हिंदी के साथ सहायक भाषा के रूप में अंग्रेजी को 15 वर्ष के लिए स्थान दिया गया। संविधान में हिंदी को तीन हिस्सों में बांटा गया। पहला जिन प्रदेशों में पूर्ण रूप से हिंदी बोली जाती है। दूसरा जहां हिंदी लिखते व बोलने वालों की संख्या थोड़ी कम है और तीसरा जहां हिंदी का प्रयोग नहीं होता।
कविताएं और किताब लिखी
निशांत जैन ने सरस्वती शिशु मंदिर से शिक्षा ग्रहण की। बचपन से ही लिखने का शौक था। ऐसे में बाल कविताएं लिखीं। पहली कविता 'चुन्नू-मुन्नू देखो आई मौसम की पहली बरसात' अमर उजाला में प्रकाशित हुई। हिंदी की शीर्ष पर पहुंचाने के लिए निशांत ने सिविल परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए ‘मुझे बनना है यूपीएससी टॉपर’ पुस्तक लिखी।