फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महाशिवरात्रि 2018 : दुग्धाभिषेक से तर होगा गरीबों का कंठ

Tue, 13 Feb 2018 11:27 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, शालू अग्रवाल, मेरठ
विज्ञापन
शिव मंदिर में दूध की बर्बादी रोकने को लगाया सेटअप - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

महाशिवरात्रि पर भगवान आशुतोष पर होने वाले दुग्धाभिषेक से गरीब बच्चों के कंठ तर होंगे। शिवलिंग पर चढ़ने वाला दूध नालियों में बहने व भूगर्भ को दूषित करने से बचाने के लिए इंजीनियरिंग के चार छात्रों करन गोयल, निशांत सिंघल, अंकित चौधरी व हर्ष ने मिलकर एक सेटअप तैयार किया है। 

विज्ञापन


साकेत सोसायटी के सदस्यों को यह सिस्टम इतना पसंद आया कि उन्होंने इसे साकेत स्थित शिवमंदिर में इस महाशिवरात्रि पर लगाने की अनुमति दे दी। यहां शिवलिंग पर चढ़ने वाला दूध बर्बाद नहीं होगा, बल्कि इस सेटअप के माध्यम से जमा होकर सत्यकाम सेवा आश्रम व वैश्य अनाथालय के बच्चों को मिलेगा। 

ऐसे बनाया प्रोजेक्ट
ये चारों छात्र एमपीएस में साथ पढ़े हैं। नवंबर माह से छात्र यह प्रोजेक्ट तैयार करने में जुटे थे कि कि स प्रकार मंदिरों में चढ़ने वाले दूध की बर्बादी रोक कर उसे गरीब बच्चों तक पहुंचाया जाए। इन युवाओं ने पहले डोगरा मंदिर में जलहरी पर दूध चढ़ाकर उसे एकत्र किया और जांच कराई। 
विज्ञापन


जांच में दूध में डिटर्जेंट, रसायन और प्रदूषित पदार्थ मिले निकले, जो पीने योग्य नहीं था। इसके बाद युवाओं ने अपनी सोच से शिवलिंग के चारों ओर रखे जाने वाले कलश स्टैंड को जरिया बनाकर यह तरीका निकाला। जिसमें भक्तों को लगे कि दूध चढ़ रहा है। लेकिन दूध नाली में बहने या जमीन में जाने के बजाय बर्तन में एकत्र होकर गरीब बच्चों तक पहुंचे।

जरूरत जन सहयोग की 
इन युवाओं ने बताया कि कांसा, तांबा, पीतल के कलश व स्टैंड में जाने से दूध बहुत जल्द खराब होता है।  युवाओं का उद्देश्य शहर के हर शिवमंदिर में यह सिस्टम लगाना है ताकि कहीं भी दूध बेकार न जाए। अगर लोग सहयोग करें तो वो यह सिस्टम हर जगह लगाएंगे। युवाओं ने पहले औघड़नाथ मंदिर में यह सिस्टम लगाने का प्रयास किया था। 

अपने स्तर से कर रहे प्रचार 
भक्त केवल कलश में ही दूध डालकर शिवलिंग पर चढ़ाएं, इसके लिए बैनर, पोस्टर और पर्चों के माध्यम से पूरे क्षेत्र में युवा प्रचार भी कर रहे हैं।

पढ़ें : महाशिवरात्रि 2018 : हाईवे पर गूंजे बम-बम भोले के जयकारे

विज्ञापन

ऐसे काम करेगी युवाओं की अभिनव सोच

औघड़नाथ मंदिर - फोटो : अमर उजाला
शिवलिंग के चारों ओर स्टेनलेस स्टील का कलश स्टैंड बनाकर इसके ऊपर स्टील का कलश रखा गया। शिवलिंग के ऊपर रखे स्टील के क लश में ही भक्त दूध चढ़ाएंगे। कलश में चढ़े दूध की बेहद पतली धार शिवलिंग पर गिरेगी। शेष दूध स्टील के स्टैंड के एक पाइप से फूड प्रोसेस पाइप के माध्यम से अन्य बर्तन में एकत्र होता रहेगा। 

यह काफी अच्छा प्रयास
डायरेक्टर साकेत सोसायटी शशांक शर्मा का कहना है कि यह काफी अच्छा प्रयास है। हमने इन युवाओं की मदद से शिवमंदिर में यह सिस्टम विकसित करा दिया है। बहुत ही अच्छा काम है अगर भगवान को चढ़ाया दूध गरीब बच्चों को मिले। 

हम पूरी मदद करेंगे
महाप्रबंधक पराग डेयरी परतापुर एससी वर्मा ने कहा कि युवाओं का यह प्रयास बहुत अच्छा है। हम लोग दूध की शुद्धता की जांच के लिए उन्हें पूरी मदद करेंगे। जिससे यह प्रयास समाज के अन्य लोगों को अच्छे कार्य के लिए प्रेरित करें। 

असली भक्ति तो मानव सेवा
संस्थापक सत्यकाम सेवा आश्रम अजय शर्मा का कहना है कि कलश से दूध एकत्र करके उसकी शुद्धता की पूरी जांच के बाद, साकेत शिव मंदिर से प्राप्त दूध आश्रम के बच्चों को देंगे, असली भक्ति तो मानव सेवा है। जिसे निभाना हर व्यक्ति का कर्तव्य है। लोगों को समाज सेवा के लिए आगे आना चाहिए। इससे मन को शांति मिलती है। पानी और दूध की बर्बादी रोकनी चाहिए। 

यह बड़ी सेवा
मुख्य पुजारी शिवमंदिर साकेत पंडित तारानंद झा ने बताया कि ईश्वर हमेशा सर्वे भवंतु सुखिन: का संदेश देते हैं। मानवता ही परमधर्म बताया है। इसलिए नीलकंठ पर चढ़ा दूध जब गरीब बच्चों को पीने को मिलेगा तो यह बड़ी सेवा होगी।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें