हरियाणा के सोनीपत के खरखौदा से चलकर यमुना नदी के रास्ते जिले में प्रवेश करने वाले 42 मजदूरों को पुलिस-प्रशासन ने वापस भेज दिया। मजदूरों को जानकारी मिली थी कि जिले से बस की व्यवस्था कर दी गई है। एसडीएम रामनयन ने बताया कि बिना किसी अधिकारिक जानकारी के कामगार आए थे। सोनीपत प्रशासन ने उन्हें किसी तरह की जानकारी नहीं दी थी, इसलिए वापस भेज दिए गए हैं।
सोनीपत के खरखौदा की फैक्टरी में यूपी के विभिन्न जिलों के कामगार नौकरी करते हैं। लॉकडाउन में फैक्टरी में ही फंस गए, किसी तरह दिन बिताए। सोमवार को कामगारों को जानकारी मिली थी कि बागपत से संत कबीरनगर, सुल्तानपुर, इटावा, गाजीपुर, गोरखपुर के लिए बस की व्यवस्था की गई है। इसके बाद वह पैदल ही बागपत आने के लिए चल दिए। बॉर्डर पर चेकिंग के कारण उन्होंने यमुना नदी का रास्ता चुना। किसी तरह यमुना पार की। मगर, यमुना के पक्का घाट पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया। पुराना कस्बा चौकी इंचार्ज बलराम यादव ने इनकी गिनती कराई। चौकी इंचार्ज ने एसडीएम सदर को जानकारी दी। प्रशासन ने इन्हें वापस भेजने के निर्देश दिए।
यह भी पढ़ें: दारुल उलूम: कोरोना टेस्ट कराने से नहीं टूटेगा रोजा, दे सकते हैं नाक-मुंह का सैंपल
चौकी इंचार्ज का कहना है कि यह मजदूर सोनीपत प्रशासन को बिना जानकारी दिए आए हैं। इन्हें वहां पर किसी स्क्रीनिंग सेंटर में भी नहीं रखा गया था, जिस कारण इनका मेडिकल नहीं हुआ है। इसलिए इन्हें वापस भेजा गया। कामगारों से कहा गया है कि वह सोनीपत प्रशासन से अनुमति लेकर आएं।
घर जाने के लिए निकले थे
मजदूर रामवचन का कहना है कि वह घर जाने के लिए निकले थे। जिस फैक्टरी में वह रह रहे थे, वह बंद हो गई है। फैक्टरी बंद होने से उनके सामने दिक्कत आ रही थी।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/