फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: बच्चे की बलि देने पर आजीवन कारावास, कोर्ट ने 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया

Thu, 11 Feb 2021 12:50 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : डेमो
विज्ञापन

न्यायालय जिला जज मेरठ मयंक कुमार जैन ने छह साल के बच्चे की बलि देने में दोषी फूल सिंह उर्फ टोली पुत्र जातिराम निवासी ग्राम दौलतपुर, मेरठ को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

विज्ञापन


डीजीसी क्रिमिनल ब्रजभूषण गर्ग ने बताया कि मुकदमा वादी ओमेन्द्र कुमार ने 16 जनवरी 2015 को थाना सरधना में मुकदमा दर्ज कराया था। उसके अनुसार, उसका छह वर्षीय बेटा शिवा सुबह 10 बजे से गायब था। रात को ओमपाल की पत्नी ने बताया कि उसका लड़का घेर के पीछे मृत पड़ा है। उसके गले पर गला घोंटने के निशान मिले थे। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी फूल सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपी ने बताया कि उसने बच्चे की बलि दी थी। उसकी निशानदेही पर घर से हत्या में प्रयोग किया गया तार बरामद हुआ। न्यायालय ने मौजूद साक्ष्य के आधार पर हत्यारे को सजा सुनाई।

यह भी पढ़ें: अमर उजाला की स्पेशल रिपोर्ट में पढ़िए प्रियंका गांधी की किसान महापंचायत के मायने
विज्ञापन


वहीं जिला जज ने एक अन्य मामले में चाची के हत्यारोपी मानिक शर्मा पुत्र संजय शर्मा निवासी कलंजरी मेरठ की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। डीजीसी क्रिमिनल ने बताया कि वादी मुकदमा दीपक शर्मा ने 27 जनवरी को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने घर में भाभी कुमुद शर्मा का खून से लथपथ शव पाया था। उसकी गर्दन में चाकू धंसा था। पुलिस ने शक के आधार पर कुमुद के जेठ के लड़के मानिक को गिरफ्तार किया। उसने बताया कि अवैध संबंध बनाने के लिए उसने चाची से छेड़छाड़ की। चाची के थप्पड़ मारने पर उसने हत्या कर दी।

यह भी पढ़ें: प्रसिद्ध शाकंभरी देवी मंदिर में मत्था टेक प्रियंका गांधी ने लिया ये बड़ा संकल्प, तस्वीरें

विज्ञापन

वहीं हत्या के एक अन्य मामले में अपर जिला जज पीएन पांडेय ने आरोपी प्रमोद कुमार, संजीव कुमार निवासी बुलंदशहर और राजबाला निवासी मोहम्मदपुर धूमी मेरठ को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर किया। अधिवक्ता आनंद कश्यप ने बताया कि वादी प्रवेश कुमार ने दो सितंबर 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसके अनुसार, चाचा धीरज का शव घर और खेत के रास्ते पर पड़ा मिला। विवेचना के दौरान आरोपियों का नाम प्रकाश में आया। आरोपियों की ओर से उनके अधिवक्ता ने न्यायालय में आरोपी के इस मुकदमे में शामिल न होने के सबूत पेश किए।

दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास
न्यायालय अपर जिला जज फराह मतलूब ने किशोरी से दुष्कर्म के मामले में दोषी अनीस पुत्र सईद निवासी मेवगढ़ी मेरठ को आजीवन कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। एडीजीसी क्रिमिनल नरेंद्र चौहान ने बताया कि मामले का मुकदमा थाना लिसाड़ी गेट में दर्ज कराया गया था। पीड़िता के पिता की तहरीर के अनुसार, 20 मार्च 2016 को 12 वर्षीय बेटी की तबीयत खराब होने पर वह उसे डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर ने बताया कि वह गर्भवती है। बाद में पता चला कि आरोपी अनीस बीते सात माह से उसके साथ दुष्कर्म कर रहा है। मुकदमे में पीड़िता ने आरोपी को पहचाने से इनकार कर दिया था। बाद में आरोपी का डीएनए टेस्ट कराया गया। रिपोर्ट उसके खिलाफ आई थी।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें