वहीं हत्या के एक अन्य मामले में अपर जिला जज पीएन पांडेय ने आरोपी प्रमोद कुमार, संजीव कुमार निवासी बुलंदशहर और राजबाला निवासी मोहम्मदपुर धूमी मेरठ को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर किया। अधिवक्ता आनंद कश्यप ने बताया कि वादी प्रवेश कुमार ने दो सितंबर 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसके अनुसार, चाचा धीरज का शव घर और खेत के रास्ते पर पड़ा मिला। विवेचना के दौरान आरोपियों का नाम प्रकाश में आया। आरोपियों की ओर से उनके अधिवक्ता ने न्यायालय में आरोपी के इस मुकदमे में शामिल न होने के सबूत पेश किए।
दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास
न्यायालय अपर जिला जज फराह मतलूब ने किशोरी से दुष्कर्म के मामले में दोषी अनीस पुत्र सईद निवासी मेवगढ़ी मेरठ को आजीवन कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। एडीजीसी क्रिमिनल नरेंद्र चौहान ने बताया कि मामले का मुकदमा थाना लिसाड़ी गेट में दर्ज कराया गया था। पीड़िता के पिता की तहरीर के अनुसार, 20 मार्च 2016 को 12 वर्षीय बेटी की तबीयत खराब होने पर वह उसे डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर ने बताया कि वह गर्भवती है। बाद में पता चला कि आरोपी अनीस बीते सात माह से उसके साथ दुष्कर्म कर रहा है। मुकदमे में पीड़िता ने आरोपी को पहचाने से इनकार कर दिया था। बाद में आरोपी का डीएनए टेस्ट कराया गया। रिपोर्ट उसके खिलाफ आई थी।
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