सब रजिस्ट्रार कार्यालय के सामने तालाबंदी कर धरना देते अधिवक्ता। (मवाना)
ई-रजिस्ट्री के निजीकरण के विरोध में उतरे, दस्तावेज लेखक, स्टांप वेंडरों ने भी नहीं किया काम
रजिस्ट्री विभाग के निजीकरण के प्रयास का आरोप
होने से बिना काम हुए लौटे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। सोमवार को बार एसोसिएशन और सिविल बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने सब रजिस्ट्रार कार्यालय के बाहर रजिस्ट्री आफिस के निजीकरण के विरोध में तालाबंदी कर धरना दिया। अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। सब रजिस्ट्रार कार्यालय पर तालाबंदी से यहां काम के लिए आए लोगों को परेशानी हुई। कुछ को बिना काम कराए लौटना पड़ा।
धरना दे रहे अधिवक्ताओं का कहना है कि सरकार द्वारा ई रजिस्ट्री की डिजिटल प्रकिया के माध्यम से सरकार रजिस्ट्री विभाग का निजीकरण करने का प्रयास कर रही है। बिना कानूनी सलाह और दस्तावेजों की जांच के ऑनलाइन रजिस्ट्री होने से अवैध कब्जों और फर्जी बैनामों में वृद्धि होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की बेहतर सुविधा न होने से ग्रामीणों को दिक्कत होगी। इससे वकीलों, दस्तावेज लेखक, स्टांप वेंटर और टाइपिस्टों की रोजी रोटी पर असर होगा।
इसलिए उत्तर प्रदेश के समस्त अधिवक्ता गण व दस्तावेज लेखक, स्टांप वेंडर, टाइपिस्ट धरना प्रदर्शन करके अपना विरोध कर रहे हैं। इसके विरोध में सोमवार को उन्होंने कार्य नहीं किया। अधिवक्ताओं ने कहा कि रजिस्ट्री के निजीकरण के आदेश को तुरंत वापस लिया जाए नहीं तो आंदोलन को और अधिक उग्र करने को विवश होंगे। धरना देने वालों में राजीव कुमार कंसल, राजेंद्र कुमार तोमर, राजकुमार, समीर त्यागी, पंकज नागर आदि उपस्थित रहे।