भागवत कथा के श्रवण मात्र से श्रोता ही नहीं उनके सात पीढ़ियां मोक्ष की हकदार हो जाती हैं, ये शब्द कथा व्यास सन्त सोग साधनानन्द ने बागपत रोड स्थित ईहा पैलेस में श्रद्घालुओं को संबोधत करते हुए कहे। इससे पहले कलश यात्रा का आयोजन किया गया जिसमें श्रद्घालुओं ने भगवान कृष्ण की भक्ति से परिपूर्ण भजनों पर जमकर नृत्य किया। इस दौरान आकर्षक झांकिया भी निकाली गई, जिन्हें देखने के लिए श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ी।
श्रीमद्भागवत महापुराण कथा सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर इस महोत्सव में 108 महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। यात्रा में सबसे आगे घोड़े पर सवार भक्त धर्मध्वज लेकर चल रहा था और पीछे-पीछे कृष्ण भक्ति से ओतप्रोत भजनों पर श्रद्घालु झूमते चल रहे थे। कलश यात्रा रमेश विहार, यादव कालोनी, भोला रोड होते हुए ईहा पैलेस पर सम्पन्न हुई। इसके बाद व्यास गददी के समक्ष कलश स्थापित किए गये।
दोपहर के समय वैदिक मंत्रों व विधि विधान के साथ श्री सतगुरु नगर ट्रस्ट नंगली साहिब की संत योग साधना नन्द द्वारा कथा वाचन प्रारंभ किया गया। इसके पश्चात व्यास मुनि महाराज ने 18 हजार श्लोकों का सजृन किया। इस अवसर पर भागवत महात्म व नारद मोक्ष की कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि भागवत कथा के श्रवण मात्र से मोक्ष के द्वार खुल जाते हैं और मानव सांसारिक आवागमन से मुक्ति पा जाता है। कथा में मनोज शर्मा व रजनी शर्मा मुख्य यजमान रहे। आयोजन में राधेश्याम शर्मा, गिरीश शर्मा, राजवीर शर्मा, ललित त्यागी, अनिल शर्मा,सोमपाल प्रजापति, अंजली शर्मा, गीता सिंघल,गौरव शर्मा का सहयोग रहा।