डॉ वेदप्रकाश अभी तक विशेष कार्याधिकारी के तौर पर मेरठ की जिम्मेदारी देख रहे थे। शासन ने अब उन्हें मेरठ मंडल के अन्य जिलों की भी जिम्मेदारी दी है। बुधवार को उन्होंने गाजियाबाद और नोएडा का दौरा किया और जिला प्रशासन के साथ बैठक की।
डॉ वेदप्रकाश ने बताया कि नोएडा में अस्पतालों की स्थिति कुछ बेहतर है, लेकिन गाजियाबाद में स्थिति बेहतर नहीं है। मेरठ मंडल के सभी जिलों के जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि सभी व्यवस्थाओं के लिए तैयार रहें।
अस्पतालों के भवनों की क्षमता बेहतर करें, मेडिकल स्टाफ व डॉक्टर उसमें तैयार रहें। ज्यादा से ज्यादा अस्पतालों को इसके लिए निर्देशित किया गया है। यह जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। क्लस्टर हेड प्रतिदिन की रिपोर्ट तैयार करेंगे। इमरजेंसी, ट्रॉमा सेंटर में कहीं भी अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों के लिए ए,बी, सी तीनों प्लानों पर काम किया जा रहा है। जिसमें जहां 100 बेड के अस्पताल हैं उनके अलावा अन्य अस्पताल भी इसमें शामिल किए जा रहे हैं।
इमरजेंसी में मरीज यदि कोई भी मरीज आता है तो उसका उपचार किया जाए। जांच में यदि मरीज पॉजिटिव आता है तो उसे कोविड-19 सेंटर लाया जाए। इसके लिए अभी से अस्पतालों में बेडों की क्षमता पर काम किया जा रहा है। इसके लिए पूरी प्लानिंग की जा रही है।