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Meerut News: कर्तव्यनिष्ठा में फंसे राजा दशरथ, जिद पर अड़ी कैकेयी

सार

हस्तिनापुर में श्री रामलीला मंचन के दौरान कैकेयी द्वारा राम के वनवास और भरत के राज्याभिषेक की मांग का दृश्य प्रस्तुत किया गया। राजा दशरथ की पीड़ा और कैकेयी-मंथरा संवाद ने दर्शकों को भावुक कर दिया।
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हस्तिनापुर में रामलीला मंचन करते कलाकार स्रोत संवाद
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विस्तार
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हस्तिनापुर। कस्बे में चल रही श्री रामलीला मंचन में शुक्रवार को कैकेयी ने मंथरा के उकसाने पर राजा दशरथ से अपने दो वरदान मांगे। कैकेयी-मंथरा संवाद और राजा दशरथ-कैकेयी संवाद का मंचन दिखाया गया।
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रामलीला मंचन में सीता के कन्यादान की सभी रस्म कमेटी के पदाधिकारी द्वारा पूरी की गई। राजा दशरथ के निर्देश पर अयोध्या में राम राज्य की घोषणा की गई। राम को अयोध्या का राजा बनाने की बात जैसे ही दशरथ ने कही तो यह बात कैकेयी और मंथरा को रास नहीं आई। दासी मंथरा के उकसाने पर कैकेयी ने राजा दशरथ से अपने दो वरदान मांग लिए। पहला अपने पुत्र भरत को अयोध्या का राजा और दूसरा प्रभु श्रीराम को 14 वर्षों के लिए वनवास भेजना। दशरथ अपने वचन को निभाने के लिए कैकेयी की मांगे पूरी करने के लिए तैयार हो गए। राजा दशरथ की अपने पुत्र राम के प्रति पीड़ा और कैकेयी की मांग के कारण उनका धर्म और सत्य के लिए कष्ट सहने का मंचन देख श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।
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