दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर आप मुफ्त में सफर करते रहिये, क्योंकि एनएचएआई को भी नहीं पता कि टोल टैक्स कब से लागू होगा। 25 दिसंबर से टोल लागू करने के लिए दरों को सार्वजनिक किया गया था, लेकिन अभी तक साइन बोर्ड पर भी इन्हें अंकित नहीं किया गया। पॉथवे इंडिया कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि हमें एनएचएआई की ओर से टोल शुरू करने के लिए कोई आधिकारिक पत्र नहीं मिला है। वहीं, एनएचएआई की ओर से कोई भी अधिकारी इस बारे में बोलने को तैयार नहीं है।
अप्रैल-2021 से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को वाहनों के लिए खोल दिया गया था। इसके बाद से लगातार टोल की तैयारी चल रही हैं। अमर उजाला की टीम ने शनिवार सुबह आठ बजे काशी टोल प्लाजा का दौरा किया। वहां टोल शुरू करने की कोई तैयारी नहीं की गई थी।
अभी चिपियाना में रेलवे ओवरब्रिज का कार्य किया जा रहा है। ये देश का सबसे भारी रेलवे ओवरब्रिज है। इसका निरीक्षण भी केंद्रीय परिवहन मंत्री ने किया था। कई स्थानों पर अभी भी कुछ कार्य बचा है। अभी तक एक्सप्रेसवे के किनारे बनाए जाने वाले आराम गृह भी शुरू नहीं हो सके हैं। एनएचएआई इन सभी कामों को देखते हुए भी पीछे हट रहा है।
भोजपुर टोल प्लाजा पर किसानों का धरना शुरू
एक बार फिर भोजपुर टोल प्लाजा पर किसानों ने डेरा डाल दिया है। किसानों की मांग है कि जब तक एक समान मुआवजा, साढ़े पांच लाख रुपये अनुदान राशि, गांवों को टोल सुविधा मुफ्त नहीं दी जाएगी, तब तक टोल शुरू नहीं होने देंगे। उन्होंने काशी, सोलाना, अच्छरोंडा, परतापुर, भूड़बराल के गांवों की मुआवजे की आर्बिटेशन की सुनवाई कराने की मांग की। किसान कल्याण समिति ने अनिश्चितकालीन धरने का एलान कर दिया है। इस मौके पर सतीश राठी, मनवीर त्यागी, महबूब अली, दलवीर सिंह मौजूद रहे।
सुर्खियों में रहता है एक्सप्रेसवे
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे हमेशा से ही सुर्खियों में रहा है। वाहनों के चलने के तुरंत बाद ही पहली बारिश में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे कुछ स्थानों पर धंस गया था। इसे विपक्षी पार्टियों ने भी मुद्दा बनाया था। अब पिछले एक महीने से टोल शुरू करने को लेकर अटकलों का दौर जारी है।