फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कवाल कांड: अदालत में पेश हुए सांसद संजीव बालियान और विधायक उमेश मलिक

Sat, 21 Apr 2018 11:56 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
कोर्ट में पेश हुए सांसद संजीब बालियान और विधायक उमेश मलिक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

करीब साढ़े चार वर्ष पूर्व कवाल कांड को लेकर नंगला मंदौड़ में हुई महापंचायत में भड़काऊ भाषण देने के मामले में पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद डॉ. संजीव बालियान, बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक आदि आरोपी कोर्ट में पेश हुए। विधायक संगीत सोम, साध्वी प्राची आदि आरोपियों के पेश नहीं होने के कारण आरोपियों पर आरोप तय नहीं हो सके। अदालत ने आरोप तय करने के लिए 29 मई की तारीख नियत की है। 

विज्ञापन


जानसठ के गांव कवाल में 27 अगस्त 2013 को मलिकपुरा के ममेरे भाइयों सचिन और गौरव की हत्या हुई थी। इस कांड के विरोध में नंगला मंदौड़ में 31 अगस्त और सात सितंबर को महापंचायत हुई थी। इसके बाद जिले में दंगा भड़का था। इन महापंचायतों में भाजपा नेताओं ने भाग लिया था, तब सपा सरकार के निर्देश पर सिखेड़ा थाने पर डॉ. संजीव बालियान, विधायक सुरेश राणा, विधायक संगीत सोम, भारतेंद्र सिंह, उमेश मलिक, साध्वी प्राची समेत 18 लोगों के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने, निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने, धार्मिक भावनाओं को भड़काने के दो मुकदमे दर्ज किए गए थे। दोनों मुकदमे एसीजेएम द्वितीय कोर्ट में चल रहे हैं।

पढ़ें : मुजफ्फरनगर दंगा: भाजपा नेताओं से मुकदमे वापस लेने की तैयारी में योगी सरकार

विज्ञापन
विज्ञापन

फाइल फोटो
बता दें कि शुक्रवार को तारीख होने पर पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद डॉ. संजीव बालियान, बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक, पूर्व ब्लाक प्रमुख वीरेंद्र सिंह आदि आरोपी कोर्ट में पेश हुए, जबकि विधायक संगीत सोम, मंत्री सुरेश राणा, साध्वी प्राची आदि आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हुए। उनके अधिवक्ताओं की ओर से अदालत में हाजिरी माफी के प्रार्थना पत्र दिए गए। सभी आरोपियों के अदालत में पेश नहीं होने के कारण आरोप तय नहीं हो सके। इस पर न्यायालय ने आरोप तय करने के लिए 29 मई की तारीख नियत की है। 

राजनेताओं पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं होंगे
कोर्ट में पेशी के बाद सांसद डॉ. संजीव बालियान ने पत्रकार वार्ता में कहा कि दंगे के दौरान राजनेताओं पर दर्ज हुए मुकदमे वापस नहीं होगे। हम कोर्ट के फैसले का सम्मान करेंगे। दंगे के दौरान काफी संख्या में फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए थे, जिसमें सैकड़ों निर्दोष फंसे है। ऐसे 131 मुकदमे वापस लेने के लिए सरकार से आग्रह किया गया है, जिसकी प्रक्रिया चल रही है।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें