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करवा चौथ कल: मेरठ में रात 8:09 बजे होगा चंद्रोदय, रोहिणी नक्षत्र और शिव योग में मनेगा पर्व

Wed, 28 Oct 2026 04:21 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

करवा चौथ 29 अक्तूबर को मनाया जाएगा। मेरठ में रात 8:09 बजे चंद्रोदय होगा। जानें रोहिणी नक्षत्र, शिव योग, पूजा विधि और व्रत के दौरान सेहत से जुड़ी जरूरी सलाह।

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करवा चौथ के लिए खरीदारी करती विवाहिता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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करवा चौथ का पर्व इस बार 29 अक्तूबर को मनाया जाएगा। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के साथ व्रत रखेंगी। मेरठ में रात 8:09 बजे चंद्रोदय होगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार रोहिणी नक्षत्र और शिव योग का संयोग पर्व के महत्व को बढ़ाएगा।

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प्रेम और समर्पण का प्रतीक करवा चौथ बृहस्पतिवार, 29 अक्तूबर को मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में इस पर्व का सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व है। महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं। कई कुंवारी कन्याएं भी अच्छे वर की कामना से यह व्रत करती हैं। मेरठ में चंद्रोदय रात 8:09 बजे होने का समय बताया गया है।

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रोहिणी नक्षत्र और शिव योग का संयोग
ज्योतिषाचार्य विनोद त्यागी ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस बार चंद्रमा वृषभ राशि में उच्च के रहेंगे। रोहिणी और मृगशिरा नक्षत्र के साथ शिव योग का संयोग पर्व के महत्व को बढ़ाएगा। इसे दांपत्य जीवन में प्रेम, आपसी सामंजस्य और पारिवारिक सुख-समृद्धि के लिए शुभ माना जाता है।

सुबह सरगी, शाम को पूजा और चंद्रमा को अर्घ्य
इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि महिलाएं सुबह सरगी ग्रहण करने के बाद व्रत का संकल्प लेंगी। दिनभर व्रत रखने के बाद शाम को भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय की पूजा की जाएगी।

पूजा के बाद महिलाएं चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य देंगी। इसके बाद परंपरा के अनुसार छलनी से पहले चंद्रमा और फिर पति का चेहरा देखकर व्रत खोलेंगी। इस दौरान परिवार में सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन में खुशहाली की कामना की जाएगी।
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व्रत रखने से पहले सेहत का रखें ध्यान
ज्योतिषाचार्य मनीष स्वामी ने बताया कि करवा चौथ पर भद्रा को लेकर किसी विशेष बाधा की भ्रांति नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार, धर्म सिंधु और निर्णय सिंधु जैसे ग्रंथों में विवाह के बाद पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने पर किसी विशेष बाधा का उल्लेख नहीं है।

उन्होंने गर्भवती और अस्वस्थ महिलाओं को निर्जला व्रत रखने से बचने की सलाह दी। ऐसी महिलाओं को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार पानी और जरूरी पोषण लेते रहना चाहिए। स्तनपान कराने वाली माताओं को भी अपनी सेहत और पोषण का ध्यान रखना चाहिए। बीमारी या कमजोरी से जूझ रही महिलाओं को व्रत रखने से पहले चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।

करवा चौथ पर धार्मिक आस्था के साथ स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है। अपनी शारीरिक स्थिति के अनुसार व्रत रखने और जरूरी सावधानियां बरतने से महिलाएं त्योहार को सुरक्षित तरीके से मना सकती हैं।
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