सरकारी स्कूलों को गोद लेकर निखारें बच्चों का भविष्य
जिलाधिकारी वीके सिंह ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य किसी भी विकसित समाज की बुनियाद हैं। इन दोनों क्षेत्रों में सुधार के बिना देश का विकास संभव नहीं है। उन्होंने बेसिक शिक्षा में पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत बताई। उनके अनुसार, कई अभिभावकों को यह तक जानकारी नहीं होती कि उनका बच्चा स्कूल में क्या सीख रहा है। ऐसे में सरकारी विद्यालयों की स्थिति सुधारने के लिए समाज के सभी वर्गों को आगे आना चाहिए।
डीएम ने निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों से सरकारी विद्यालयों को गोद लेने की अपील की। उन्होंने बताया कि जिले में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के कुल 1,058 स्कूल हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षक योग्य हैं, लेकिन विद्यालयों में संसाधनों और स्मार्ट सुविधाओं को बढ़ाने की जरूरत है। निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं और अभिभावकों का सहयोग मिलने पर सरकारी विद्यालयों के बच्चों को भी अपनी प्रतिभा निखारने के बेहतर अवसर मिल सकते हैं।
एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति
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12वीं तक की शिक्षा व्यक्तित्व की मजबूत नींव
डीएम ने कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में शुरुआती शिक्षा की अहम भूमिका होती है। विद्यालयों में अनुशासन का माहौल होना चाहिए, ताकि बच्चे सही और गलत के बीच अंतर समझ सकें और गलत गतिविधियों से दूर रहें।
उन्होंने कच्चे और पके बांस का उदाहरण देते हुए समझाया कि बचपन में बच्चों को दिए गए संस्कार और सीख उनके पूरे जीवन को प्रभावित करते हैं। कक्षा 12वीं तक की शिक्षा उनके व्यक्तित्व और भविष्य की मजबूत नींव तैयार करती है। उन्होंने युवाओं से देश में चल रही गतिविधियों को समझने और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने की अपील भी की।
गुरु का सम्मान करना कभी न भूलें: एसएसपी
एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सफलता में शिक्षकों की अहम भूमिका रही है। उन्होंने बताया कि वह आज भी शिक्षक दिवस पर अपने गुरुओं को फोन कर उनका आशीर्वाद लेते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के साथ शिक्षकों का सम्मान करना नहीं भूलना चाहिए। गुरु का सम्मान और अनुशासन विद्यार्थियों को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एसएसपी ने गुरुकुल परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु और शिष्य के बीच सम्मान और अनुशासन के मूल्यों को आज भी बनाए रखने की जरूरत है।
एआई से दूर न भागें, इसे अपनाकर आगे बढ़ें
आईएमटी के मैनेजिंग डायरेक्टर मयंक अग्रवाल ने विद्यार्थियों को तकनीक के बदलते दौर के लिए तैयार रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य में आगे बढ़ने के नए अवसर उपलब्ध करा सकता है। इसलिए विद्यार्थियों को एआई से दूरी बनाने के बजाय इसे समझने और अपनाने की जरूरत है।
उन्होंने नई तकनीकों का ज्ञान हासिल करने और अपनी क्षमताओं को लगातार बेहतर बनाने पर जोर दिया, ताकि विद्यार्थी भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सकें।
समारोह में चित्रा बिजनेस हेड गौरव गोयल भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और समाज के प्रति शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी को महत्वपूर्ण बताया गया।