अलौकिक और दिव्य आरती मखदूमपुर गंगा घाट पर जैसे ही शाम का समय हुआ और सूरज धीरे-धीरे पश्चिम की ओर ढलने लगा तो गंगा नदी के किनारे एक अलौकिक दृश्य आकार लेने लगा। गंगा घाट पर हो रही दिव्य आरती में यहां मौजूद श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा और उत्सुकता से घाट पर अपनी जगह लेने लगते हैं ताकि वह इस दिव्य दृश्य के साक्षी बन सकें।
कार्तिक पूर्णिमा पर व्रत रखने पर दोहरे लाभ की प्राप्ति होती है : वत्स
सनातन धर्म में कार्तिक पूर्णिमा पर बुधवार को पूजा पाठ के साथ जप और दान का करना शुभ होगा। यह दिन भगवान विष्णु के अलावा भोलेनाथ को भी प्रिय हैं। दीपदान कर देव दीपावली मनाई जाएगी।
इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि इस दिन गंगा में स्नान और दान करने से पाप धुल जाते हैं। कार्तिक पूर्णिमा के दिन व्रत रखने से मनुष्य को दोहरे फल की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान विष्णु और भगवान शिव का आशीर्वाद मिलता है।
कार्तिक मास व्रत का होगा उद्यापन
कार्तिक पूर्णिमा का पर्व बुधवार को विभिन्न अनुष्ठान पुण्यदान के साथ मनाया जाएगा। इस दिन पूरे माह व्रत करने वाले लोग सूर्योदय से पूर्व विभिन्न सरोवरों में स्नान कर पूजा अर्चना करेंगे। ज्योतिषाचार्य विनोद त्यागी ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन स्नानान आदि से निवृत्त होकर तुलसा का शृंगार किया जाता है। अग्नि की स्थापना कर और ब्राह्मण द्वारा विष्णु भगवान को तिल, घी आदि से हवन कर फिर सर्वतोभद्र मंडलीय देवताओं के लिए एक घी की आहुति देकर होम समाप्त करे और पूर्णाहूति देते हैं।
आज के दिन दीपदान का होता है विशेष महत्व
कार्तिक पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण भगवान की कथा सुनी जाती है। घर, मंदिर, नदी, तालाब में दीपदान कर देव दीपावली का मनाई जाती है। आचार्य कौशल ने बताया कि अग्निपुराण में कहा गया है कि दीपदान से बढ़कर कोई व्रत नहीं है। इसका बहुत पुण्य मिलता है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान शिव ने भी अपने पुत्र कार्तिकेय को दीपदान का महात्म्य बताया है।