जूही ने कहा, 'मैंने मेरठ के बारे में बहुत कुछ सुना था, लेकिन यहां आकर देखा कि लोग वास्तव में समझदार, संवेदनशील और कला के प्रति उत्साही हैं।'
सैयारा-धर्म नहीं, सोच की कहानी
जूही ने बताया कि 'विद लव आपकी सैयारा' की कहानी उन्होंने कोरोना काल में लिखी थी। इस नाटक की प्रेरणा उन्हें अपनी मां से मिली। शुरुआत में इसे ऑनलाइन मंचन के लिए तैयार किया गया था, लेकिन दर्शकों की प्रतिक्रिया देखकर इसे डेढ़ घंटे तक बढ़ाया गया और नए पात्र जोड़े गए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि 'सैयारा एक मुस्लिम महिला की कहानी जरूर है, लेकिन यह नाटक धर्म पर नहीं बल्कि सोच पर आधारित है। यह महिलाओं, खासकर घरेलू महिलाओं की भावनाओं और संघर्षों से गहराई से जुड़ता है।'
युवाओं के लिए संदेश
जूही ने युवाओं को सलाह दी कि जिस भी फील्ड में जाएं, पहले उसके लिए कड़ी मेहनत करें। खासकर बॉलीवुड जैसी इंडस्ट्री में दृढ़ निश्चय और समर्पण सबसे जरूरी हैं।
महिला सशक्तिकरण पर विचार
जूही बब्बर ने महिलाओं को लेकर कहा, 'आज की महिलाएं पहले से ज्यादा सशक्त हैं। जरूरत है खुद पर भरोसा रखकर आगे बढ़ने की। निर्णय लेना सीखें, तभी बदलाव आएगा।'