हरियाणा में चल रहे आरक्षण आंदोलन के समर्थन में जाट समाज ने सोमवार को नेशनल हाईवे-58 जाम कर दिया। परतापुर स्थित दिल्ली रोड पर चौधरी पेट्रोल पंप के सामने जाटों ने करीब एक घंटा धरना प्रदर्शन किया। जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने जनहित में दिल्ली रोड खोलने की बात कही तो प्रदर्शनकारियों से तीखी झड़प हो गई। अफसरों ने किसी तरह समझाते हुए ज्ञापन लेकर हाईवे खुलवाया।
संयुक्त जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले दो दर्जन से अधिक जाट दिल्ली रोड स्थित चौधरी पेट्रोल पंप पर पहुंचे। जाट समाज के लोग देखते ही देखते सड़क पर आ गए और जाम लगा दिया। समिति के राष्ट्रीय महासचिव हरबीर सिंह सुमन, जाट महासभा मेरठ के अध्यक्ष चौधरी कल्याण सिंह, डीएस वर्मा और रोहित जाखड़ ने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार के आश्वासन के बाद जाट समाज के लोग आंदोलन से पीछे हट गए थे। इसके बावजूद सरकार ने सोनीपत में प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलवाई। इसमें तीन लोगों की मौत हुई है। यूपी का जाट समाज इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।
उधर, हाइवे जाम होने की सूचना मिलते ही पुलिस फोर्स तुरंत मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों से बात की। पुलिस ने जनहित में जाम खोलने की बात कही तो प्रदर्शनकारी पुलिस से ही भिड़ गए। करीब एक घंटे तक जाम लगने से सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। काफी समझाने के बाद समिति के पदाधिकारियों ने सीओ को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जाटों को केंद्रीय सेवाओं में भी आरक्षण देने, हरियाणा में आरक्षण की मांग तुरंत स्वीकार करने, कुरुक्षेत्र के भाजपा सांसद राजकुमार सैनी को जातीय विद्वेष फैलाने के जुर्म में गिरफ्तार करने, आंदोलन में शहीद लोगों के परिजनों को उचित मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की गई। इस मौैके पर चौधरी अमन सिंह, हरपाल सिंह गेझा, अजातशत्रु, गजेंद्र सिंह पायल , इंद्रपाल सिंह मलिक, अजय नेहरा, रवींद्र मलिक, धर्मवीर सिंह मलिक, राजवीर सिंह आदि मौजूद रहे।