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खड़ौली की जनता को जगी पाइप लाइन से पानी की उम्मीद

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जल निगम ने बनाया छह करोड़ का बजट प्रस्ताव
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मेरठ। गांव खड़ौली की जनता को अब फिर से पाइप लाइन के पानी की उम्मीद जगी है। जल निगम ने नई पाइप लाइन डालने के लिए सर्वे कर बजट प्रस्ताव तैयार कर लिया है। 15वें वित्त खजाने से पाइप लाइन पर लगभग छह करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
नगर निगम वार्ड 38 के गांव खड़ौली की आबादी लगभग 20 हजार है। पूर्व में प्रशासन ने गांव में भूगर्भ जल की जांच कराई थी। जिसमें हैंडपंपों से लिया जा रहा पानी पीने योग्य नहीं माना था। उसके बाद ही सरकार ने 2010 में गांव को स्वच्छ जलापूर्ति के लिए ट्यूबवैल और पानी की पाइप लाइन दी थी। वह अलग बात है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने भ्रष्टाचार की पाइप लाइन डाल दी। जिसके चलते अभी तक गांव को पाइप लाइन का पानी नहीं मिला है। अब नगर निगम प्रशासन ने 15वें वित्त के खजाने से गांव खड़ौली में नए सिरे से पाइप लाइन डालने का निर्णय लिया है। इसके लिए कार्यदायी संस्था जल निगम ने लगभग छह करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव तैयार किया है। उधर जल निगम के अधिकारी एक सप्ताह से गांव की गलियों की माप करके नक्शा तैयार किया जा रहा है।
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2010 में डूडा ने खर्च किए थे 20 करोड़
खड़ौली का भूगर्भ जल पीने योग्य नहीं है। 2010 में डूडा ने गांव में लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च करके एक ट्यूबवैल और पानी की पाइप लाइन डलवाई थी। पाइप लाइन इतनी घटिया थी कि पानी छोड़ते ही पाइप लाइन फट जाती थी। जल निगम और जलकल विभाग ने अनेक बार गांव की जनता को पाइप लाइन से पानी देने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। पार्षद रैनू सैनी ने सीएम और डिप्टी सीएम के दरबार तक मामले को उठाया। उसका परिणाम यह हुआ कि अब प्रशासन की नींद टूटी है। जल निगम ने नई पाइप लाइन डालने की तैयारी शुरू कर दी है।
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कॉलोनी में है जलापूर्ति की समस्या
- खड़ौली सहित कई गांव और कॉलोनियों में जलापूर्ति की समस्या है। नई पाइप लाइन डालने के लिए निगम अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। शीघ्र ही 15वें वित्त आयोग की बैठक होनी है। जिसमें पाइप लाइन का प्रस्ताव रखा जाएगा। - सुनीता वर्मा, महापौर
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