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अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस: सरकार की महत्वाकांक्षी योजना धड़ाम, जिरियाट्रिक वार्ड के लिए न स्टाफ न ओपीडी

Sun, 01 Oct 2023 12:50 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ में राष्ट्रीय बुजुर्ग स्वास्थ्य देखभाल मिशन को पलीता लगाया जा रहा है। यहां जिरियाट्रिक वार्ड के लिए न स्टाफ मिला और न अलग से ओपीडी शुरू हो सकी। 60 साल से ज्यादा उम्र के मरीजों की अलग से देखभाल होनी थी, लेकिन देखभाल तो दूर यहां धरातल पर कुछ भी नहीं है।
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विस्तार
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मेरठ जिले में राष्ट्रीय बुजुर्ग देखभाल मिशन को पलीता लग रहा है। पीएल शर्मा जिला अस्पताल में बुजुर्गों की परवाह के लिए बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाए गए हैं। करीब छह साल पहले दस बेड का जिरियाट्रिक केयर वार्ड (वृद्धावस्था देखभाल वार्ड) बनाया गया। अलग से ओपीडी चलाने का प्रचार-प्रसार किया गया, मगर खाली पड़ा वार्ड गवाही दे रहा है कि धरातल पर कुछ नहीं है। स्टाफ न होने के कारण इस वार्ड में बुुजुर्ग मरीज भर्ती नहीं किए जा रहे हैं। न ही वृद्धों के लिए अलग से ओपीडी शुरू की गई है।
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हर साल एक अक्तूबर को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जाता है। बुजुर्गों के लिए चिंतन किया जाता है। बुजुर्गों के स्वास्थ्य की देखभाल के उद्देश्य से अक्तूबर 2017 में वृद्धावस्था देखभाल वार्ड को चालू किया गया था। दावा था कि यहां बुजुर्गों की अलग से विशेष देखभाल होगी। मनोरंजन और अध्यात्म के लिए म्यूजिक और टीवी भी लगाए जाएंगे। अलग ओपीडी होगी, लेकिन इसके लिए स्टाफ ही नहीं मिला। इस वजह से कुछ दिन बाद ही यहां मरीज भर्ती होने बंद हो गए।

ओपीडी और बाकी व्यवस्था भी परवान नहीं चढ़ सकी है। अब हाल यह है यह सामान्य वार्ड की तरह इस्तेमाल किया जाता है। जब मरीजों की संख्या ज्यादा हो जाती है तो इसका इस्तेमाल कर लिया जाता है, लेकिन सिर्फ बुजुर्ग ही इसमें भर्ती रहें, वार्ड के लिए अलग से स्टाफ हो। ऐसा अभी तक नहीं हो सका है।
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60 साल से ज्यादा उम्र के मरीजों की होनी है देखभाल
इस वार्ड में 60 साल से ज्यादा उम्र के मरीजों की देखभाल की जानी है। यह वार्ड राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत तैयार किया गया है। जिला अस्पताल में रेडियोलॉजी विभाग के सामने बनी बिल्डिंग में भूतल पर इसे बनाया गया है, क्योंकि बुजुर्ग होने के कारण उन्हें सीढ़ियां चढ़ने में दिक्कत आएगी।

शासन से आना है स्टाफ
जिरियाट्रिक वार्ड के लिए शासन के जरिए 10 लोगों का स्टाफ आना है। जैसे ही स्टाफ आएगा उसे इस वार्ड में तैनात कर दिया जाएगा। वैसे, अपनी व्यवस्था के हिसाब से जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक इस वार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता में है। - डॉ. अखिलेश मोहन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
 
जरूरत पड़ने पर कर लेते हैं भर्ती
जिरियाट्रिक वार्ड में जरूरत पड़ने पर बुजुर्ग मरीजों को भर्ती कर लेते हैं। वैसे, सामान्य मरीजों की तरह ही बुजुर्ग मरीज भर्ती होते हैं। अलग से ओपीडी नहीं चल रही है। सामान्य ओपीडी में ही वृद्ध मरीज देखे जा रहे हैं। - डॉ. कौशलेंद्र सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
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