मेरठ में सिटी रेलवे स्टेशन मास्टर ने बताया है कि दरोगा ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दी। एसपी सिटी ने सिटी रेलवे स्टेशन पर जाकर पूरे मामले की जांच पड़ताल की है। दरोगा के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
पारिवारिक कलह बताकर झाड़ दिया पल्ला
पुलिस ने दरोगा की मौत के पीछे का कारण पारिवारिक कलह बताकर पल्ला झाड़ लिया है। सवाल उठते हैं कि दरोगा का अगर परिवार के साथ कोई विवाद था तो वह दो दिन कहां और किसके पास रहे। परिवार के लोग अभी इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। पुलिस ने परिवार के लोगों से मौत के बारे में जानने का प्रयास किया है, लेकिन वह अभी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
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शामली जिले के रहने वाले थे दरोगा
एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि दरोगा अजय कुमार मूल रूप से शामली जिले के ऊन गांव के रहने वाले थे। दरोगा का परिवार परतापुर के शताब्दी नगर में किराए के मकान में रहता है। क्राइम ब्रांच से पहले दरोगा की पोस्टिंग परतापुर थाने में ही थी। उनके एक बेटा और एक बेटी है।