नवीन मंडी व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष मुकेश गुप्ता ने बताया कि टमाटर एक बार खरीफ और एक बार रबी की फसल के रूप में बोया जाता है। खरीफ की फसल के रूप में टमाटर महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में उगाया जाता है।
रबी की फसल के रूप में महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों और कर्नाटक के कुछ इलाकों में उगाया जाता है। दशहरे के बाद नासिक और तेलंगाना में ताजा फसल पैदा होगी, जो बाजार में आएगी तो उसके बाद ही टमाटर के दाम कम हो सकते हैं।
पिछले एक महीने से आलू की कीमतें स्थिर हैं। चिप्सोना आलू 30-35 रुपये प्रति किलो और दूसरी किस्म का दाम 25-30 रुपये प्रति किलो है। वहीं प्याज लोगों को रुला रहा है। 50-60 रुपये प्रति किलो मंडी में भाव है। फुटकर में इसके दाम जगह के साथ बदल जाते हैं। हरी सब्जियों में लौकी और तोरई भी आंखें दिखा रहे हैं। तुरई 30-40 रुपये प्रति किलो में बेची जा रही है।
अभी बंगलूरू से मंडी में टमाटर आ रहा है। वहां से मंगाने पर ट्रांसपोर्टेशन शुल्क काफी लगता है, जबकि बारिश के बाद टमाटर की फसल भी प्रभावित हुई। इन वजह से कीमतें बढ़ी हैं। तीन-चार दिन में मध्यप्रदेश के शिवपुरी से टमाटर आने शुरू होंगे तो कीमतें कम होंगी। -विश्वजीत सोनकर, महामंत्री आदर्श आढ़ती एसोसिएशन नवीन मंडी