शुक्रवार से रैपिड कॉरिडोर के प्राथमिक खंड पर रैपिडेक्स का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। 2025 में पूरे कॉरिडोर पर रैपिडेक्स दौड़ती नजर आएगी। रैपिड रेल चलने के बाद एनसीआर में सड़कों पर वाहनों की संख्या करीब एक लाख कम हो जाएगी। एनसीआरटीसी का दावा है कि रैपिड रेल में मेरठ से दिल्ली के बीच प्रतिदिन करीब आठ लाख लोग सफर करेंगे। इसके बाद इस रूट पर सार्वजनिक वाहनों का उपयोग 37 से बढ़कर 63 फीसदी हो जाएगा। इससे जहां वाहनों के धुएं से होने वाले प्रदूषण में कमी आएगी वहीं सड़क हादसे भी घटेंगे।