बढ़ रही बिजली चोरी और राजस्व वसूली में आई कमी
दौराला।
बिजली उपभोक्ताओं को योजनाओं के माध्यम से लाभांवित करने के बाद भी बिजलीघर क्षेत्र में निरंतर चोरी के मामले बढ़ रहे हैं। इतना ही नहीं अक्तूबर माह के बाद से राजस्व वसूली में भी कमी आई है। विद्युत निगम की लापरवाही का आलम यह है कि थाने में दर्ज बिजली चोरी के आठ हजार मामलों में से छह हजार लंबित पड़े हैं। सिर्फ दो हजार का ही निस्तारण हो सका है।
बीते दिनों सकौती उपखंड के तहत महलका, चिंदौड़ी व नंगली आजड फीडर हाई लाइन लॉस में चले गए। इस कारण विभाग को यहां मीटर लगाने पड़े। साथ ही बिजली चोरों पर शिकंजा कसने के लिए छापामार अभियान चलाना पड़ा। इसके बाद भी बिजली चोरी के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। बिजली विभाग की ओर से कंकरखेड़ा थाने में अब तक बिजली चोरी के आठ हजार मुकदमे दर्ज कराए गए हैँ। वर्ष 2019 में ही 1591 मामले दर्ज किए गए। वर्ष 2020 में 5406 और 2021 में जनवरी माह तक 241 मामले दर्ज किए गए हैं। सकौती उपखंड के एसडीओ विनेश कुमार ने बताया कि उपखंड के तहत छह बिजलीघर आते हैं। बिजली चोरी के मामलों में गिरावट लाने और राजस्व वसूली बढ़ाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
माहवार दर्ज बिजली चोरी के मुकदमे
माह-वर्ष मुकदमे
सितंबर 2020 624
अक्तूबर 2020 839
नवंबर 2020 407
दिसंबर 2020 336
जनवरी 2021 241
पिछले पांच माह में राजस्व वसूली
माह-वर्ष धनराशि
सितंबर 2020 3.31 करोड़
अक्तूबर 2020 3.42 करोड़
नवंबर 2020 2.43 करोड़
दिसंबर 2020 2.12 करोड़
जनवरी 2021 2.46 करोड़
नोट-आंकड़े सकौती उपखंड के हैं।
ये योजनाएं हुई थीं लागू
झटपट योजना, आसान किस्त योजना, किसान आसान किस्त योजना, कोविड -19 वाणिज्य एक मुश्त समाधान योजना, सौभाग्य योजना
कार्रवाई की जा रही है
बिजली चोरी रोकने के लिए विभागीय अधिकारियों के साथ मिलकर छापा मारा जाता है। वसूली के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। कुछ बकायेदारों ने बकाया जमा किया है। -कर्मवीर, प्रभारी निरीक्षक, थाना कंकरखेड़ा बिजलीघर