अधिशासी अभियंता राकेश कुमार जैन की नौकरी का ज्यादातर कार्यकाल मेरठ में ही गुजरा। इसके पीछे यूपी सरकार में उनकी अच्छी पकड़ बताई गई। सपा के एक कद्दावर नेता से उनकी अधिक करीबी बतायी जा रही है। इसके बूते उन्होंने मुख्यमंत्री के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दे डाली। हाईकोर्ट से स्टे ऑर्डर लेकर फिर से अधिशासी अभियंता की कुर्सी पर वे जम गए। विभागीय अफसरों, ठेकेदार और सरकार से विवाद के बीच वे सुर्खियों में रहे हैं। अब बेनामी संपत्ति को लेकर एक बार फिर से वह चर्चा में हैं।
डायरी खोलेगी कई राज
जानकारी के अनुसार आयकर विभाग ने छापामारी के दौरान उनके सरकारी आवास से कुछ दस्तावेज और एक डायरी बरामद की है। जिसमें कुछ अधिकारियों के नाम और नाम के सामने कुछ धनराशि अंकित है। जिससे कुछ दूसरे अफसरों में भी हड़कंप मचा है। सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग दूसरे अफसरों से भी जल्द पूछताछ कर सकता है।
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31 जनवरी को रिटायरमेंट
आरके जैन
आगामी 31 जनवरी को आरके जैन का कार्यकाल पूरा हो रहा है। वे महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। अनूप शहर शाखा में जेई के बाद वे सिंचाई विभाग के मेरठ सब डिविजन प्रथम में एसडीओ, सिंचाई विभाग निर्माण खंड में अधिशासी अभियंता के बाद मेरठ गंगनहर के अधिशासी अभियंता की कुर्सी पर हैं। हाल ही में उनका प्रमोशन अधीक्षण अभियंता के पद पर हुआ है।
कई बार लगे आरोप
अधिशासी अभियंता आरके जैन पर जेई, एसडीओ समेत विभिन्न पदों पर रहते हुुए विभाग में कई बार आरोप लगे। इसी बीच उनके सपा सरकार के एक बड़े नेता से करीबी संबंध होने पर निचले स्तर के अधिकारी उनसे पंगा लेने से भी डरते रहे। अपनी कुर्सी पर न बैठने के कारण कई बार किसानों ने भी आरके जैन के खिलाफ हंगामा किया।
लखनऊ पहुंचनी थी रकम
विभागीय सूत्रों के अनुसार आरके जैन रविवार को लखनऊ में थे। सोमवार सुबह ही प्राइवेट कार से बाउंड्री रोड स्थित अपने सरकारी बंगले पर पहुंचे थे। दो घंटे बाद ही टीम छापा मारने पहुंच गई। सूत्र यह भी बताते हैं कि आरके जैन के पास से मिली रकम लखनऊ में किसी नेता और अधिकारी के पास पहुंचनी थी। लखनऊ से ही आरके जैन की मुखबिरी हुई।
एसई के पास पहुंची थी टीम
सिंचाई विभाग के सूत्रों के मुताबिक आयकर विभाग की टीम सोमवार सुबह सबसे पहले अधीक्षण अभियंता एके सिंह के आवास पर पहुंची थी। उन्हीं से आरके जैन के बंगले की जानकारी ली गई। अधीक्षण अभियंता ने अपने लिपिक को आयकर विभाग की टीम के साथ आरके जैन के बंगले पर भेजा था। इसी के बाद कार्रवाई शुरू की गई।
सीएम ने ट्रांसफर किया तो गए कोर्ट
दो माह पहले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आरके जैन का ट्रांसफर कर दिया था। उनके स्थान पर सीमांत अग्रवाल को तैनात किया था। जिसके विरोध में आरके जैन ने सपा के बड़े नेताओं का दरवाजा खटखटाया था। मामला मुख्यमंत्री से जुड़ा होने के बाद किसी सपा नेता ने उनका साथ नहीं दिया। उसके बाद आरके जैन हाईकोर्ट चले गए। उन्होंने जहां अपने कार्यालय पर ताला जड़ दिया था, वहीं कोर्ट से स्टे ऑर्डर मिलने के बाद अधिशासी अभियंता की कुर्सी फिर से पा ली। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार सीमांत अग्रवाल ने मुख्य अभियंता गंगा कार्यालय में कार्यभार संभाल लिया। विभागीय सूत्रों के अनुसार आरके जैन को अधीक्षण अभियंता के पद पर प्रमोशन मिल गया। हालांकि, अभी वह अभी अधिशासी अभियंता के पद पर ही कार्यरत हैं।
निशाने पर अभी कई अफसर
कार्रवाई जारी
अधिशासी अभियंता के सरकारी आवास पर छापामारी के बाद सरकारी अफसरों में खलबली मची है। चर्चा है कि आयकर विभाग कई बड़े अफसरों को निशाने पर लेकर लगभग फाइनल तैयारी कर चुका है। विभागीय सूत्रों की मानें तो शीघ्र ही छापेमारी की कार्रवाई शुरू होगी।
आयकर विभाग ने नोटबंदी के बाद बदले माहौल में चिह्नित अधिकारियों की काल रिकॉर्डिंग के साथ ही गोपनीय रूप से उनकी गतिविधियों को भी न केवल नोटिस किया, बल्कि पूरा रिकॉर्ड भी तैयार कराया। गोपनीय सूत्रों से भी तमाम जानकारी ऐसे अधिकारियों के खिलाफ इकट्ठा करायी। आयकर विभाग के सूत्रों की मानें तो इस सूची में कई विभागों अभियंताओं के अलावा उच्च पदों पर बैठे अधिकारी और क्लर्क भी शामिल हैं। सिर्फ नोट बंदी ही नहीं बल्कि इस बार आयकर विभाग आय से अधिक संपत्ति के मामलों को भी इस कार्रवाई में लेकर चल रहा है। ऐसे तमाम अधिकारियों की कुंडली तैयार की गयी है, जिन्होंने आय से अधिक संपत्ति इकट्ठा की हुई है। इन तमाम अधिकारियों के खिलाफ दिसंबर तक जहां रुक-रुककर कार्रवाई होगी। वहीं, जनवरी में बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की जाएगी।
वसुंधरा में भी जैन के मकान पर छापा
वसुंधरा में भी जैन के मकान पर छापा
आरके जैन के वसुंधरा सेक्टर-5 स्थित आवास पर भी आयकर गाजियाबाद की टीम ने छापामारी की। टीम ने घर से एफडी, बैंक पासबुक, नगदी, एक बड़ा गट्ठर आदि सीज किए। वसुंधरा स्थित मकान में आरके जैन की पत्नी, दो बेटे और बहू रहते हैं। जैन यहां आते-जाते रहते हैं। सोमवार सुबह करीब आठ बजे आयकर विभाग के डिप्टी डायरेक्टर सुनील यादव की अगुवाई में टीम उनके आवास पर पहुंची। टीम ने उनके बैंक दस्तावेज, बेटे के कारोबार से जुड़ी फाइलें खंगालीं। घर की पार्किंग और पड़ोस के प्लॉट में खड़ी कुल चार गाड़ियों की भी जांच करते हुए उसमें से भी दस्तावेज जब्त किए।
खाली प्लॉट भी अभियंता का
आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार लंबे समय से आरके जैन के फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन पर नजर रखी जा रही थी। विभाग को शक है कि अधीक्षण अभियंता ने अपने घर के साथ ही करीब 200 वर्गमीटर का प्लॉट भी खरीदा है। जिसकी कीमत दो करोड़ बताई जा रही है। उनके पास वीआईपी नंबर की 4-5 गाड़ियां हैं।
घर में ही बेटा चलाता है इन्वेस्टमेंट कंसल्टेंसी
आरके जैन का बड़ा बेटा घर के नीचे ही बने ऑफिस में इन्वेस्टमेंट कंसल्टेंसी फर्म चलाता है। जिसमें लोगों को रियल-एस्टेट, लाइफ इंश्योरेंस और म्यूचुअल फंड आदि में पैसा इन्वेस्ट करने तरीके बताए जाते हैं। टीम ने बेटे की फर्म के दस्तावेज भी जब्त किए हैं। आसपास के लोगों ने बताया कि अगले माह आरके जैन के छोटे बेटे की शादी है।
17 लाख की नई करेंसी का नहीं दे सके हिसाब
आरके जैन के आवास से 17 लाख की नई करेंसी बरामद होने से बैंक एक बार फिर संदेह के दायरे में हैं। आयकर विभाग के अफसरों ने आरके जैन से जब नई करेंसी के बाबत पूछा तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
बैंकों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। जहां आम लोगों को बैंकों से पांच से 10 हजार भी आसानी से नहीं मिल पा रहे, तो एक अभियंता के पास 15 लाख के नए नोट कहां से आ गए। आयकर विभाग के अफसरों ने आरके जैन से इस बारे में पूछा तो वह चुप्पी साध गए। सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग की टीम ने जैन के पैन नंबर के आधार पर उनके कुछ बैंक खातों के बारे में पता किया है।
इसी आधार पर आयकर टीम सिंडिकेट बैंक की ईव्ज चौराहा ब्रांच में पहुंची। यहां उनका काफी पुराना एकाउंट है। टीम ने उनके खाते संबंधी दस्तावेज और डिटेल चेक की। देखा गया कि नोटबंदी के बाद जैन ने अपने खाते में कितना लेनदेन किया है। लेकिन, टीम को ज्यादा कुछ नहंी मिला। सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग उनके परिवार के सदस्यों के मेरठ, गाजियाबाद आदि स्थानों पर बैंक खातों का पता लगाकर उन्हें भी खंगालने की तैयारी में है। सिंडिकेट बैंक ईव्ज चौराहा ब्रांच के शाखा प्रबंधक डीके गुप्ता ने पूछने पर बताया कि आयकर विभाग की टीम को जांच में पूरा सहयोग किया गया। जैन का उनके बैंक में काफी पुराना एकाउंट है। नोटबंदी के बाद कोई खास ट्रांजैक्शन भी नहीं थी। टीम जांच पड़ताल के बाद चली गई।
दो हजार के नए नोट मिलने से मेरठ और गाजियाबाद के बैंक में संदेह के घेरे में
आरके जैन के सरकारी आवास पर छापा
टीम आरके जैन और उनके परिवार के बैंक खातों की जांच कर दो जानकारियां हासिल करना चाहती है। पहली ये कि जैन परिवार के पास कुल कितनी नकदी है। दूसरा क्या नोटबंदी के बाद जैन परिवार के सदस्यों ने अपने बैंक खातों से 17 लाख की नई करेंसी निकाली है या नहीं। यदि बैंक एकाउंट से रकम निकालने की पुष्टि नहीं होती तो इस बात की संभावना बढ़ जाएगी कि आवास से बरामद नई करेंसी दूसरे दरवाजे से पुरानी करेंसी देकर बदली गई है या फिर अन्य स्रोत से आई है। टीम पुख्ता सुबूत हासिल करना चाहती है।
कहां से आई करेंसी
आरके जैन के आवास पर आयकर विभाग के छापे और उनके आवास से नई करेंसी बरामद होने की खबर शहर में चर्चा का विषय रही। बैंकों में भी इसकी चर्चाएं रहीं। हर कोई कयास लगा रहा था कि आखिर नई करेंसी कहां से आई। ये मेरठ के बैंक से निकली है या कहीं बाहर से आई है।
पद को लेकर रहीं चर्चाएं
आरके जैन के पद को लेकर चर्चाएं रहीं। बाद में स्पष्ट हुआ कि अधिशासी अभियंता आरके जैन का पे ग्रेड अधीक्षण अभियंता का है। जबकि वह अधिशासी अभियंता का पद ही संभाल रहे हैं। आरके जैन शहर में गंगाजल प्रोजेक्ट से भी जुड़े रहे हैं।