इंस्पेक्टर राजीव त्यागी ने नूर मोहम्मद के अलावा दिलशाद पुत्र मोहम्मद जरीफ निवासी मोहल्ला कल्याण सिंह और नैडी के खिलाफ धोखाधड़ी, इंडियन वायरलेस टेलीग्राफी एक्ट और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया। नूर मोहम्मद को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
दुबई में बैठा नैडी संचालित करा रहा था अवैध टेलीफोन एक्सचेंज
दुबई में बैठा नैडी नाम का व्यक्ति परीक्षितगढ़ में अवैध टेलीफोन एक्सचेंज संचालित करा रहा था। नूर मोहम्मद ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है। वह पावरलूम में कपड़ा बुनने का कार्य करता था। नैडी से नूर मोहम्मद का संपर्क फेसबुक के माध्यम से हुआ था। नैडी ने कोरियर के माध्यम से नूर मोहम्मद के पास सिम बॉक्स भेजा था।
नूर मोहम्मद ने परीक्षितगढ़ में किराए पर कमरा लेकर हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्शन लगवा लिया और एक लैपटॉप खरीदा। नैडी ने वीडियो कॉल और एनीडेस्क साॅफ्टवेयर के माध्यम से सेट अप लगवा दिया। इसके अलावा मोबाइल सिम अन्य सामान भैसाली रोडवेज बस स्टैंड पर बस से भिजवा दिए।
एडीजी एटीएस मोहित अग्रवाल ने बताया कि बीते कई दिनों से मेरठ क्षेत्र में इंटरनेशनल गेटवे को बाईपास कर विदेशों (मिडिल ईस्ट देशों) से आने वाली अंतरराष्ट्रीय कॉल्स को अवैध टेलीफोन एक्सचेंज के माध्यम से लोकल कॉल्स में परिवर्तित करने की सूचना मिल रही थी। इससे रेडिक्लाइजेशन, हवाला, टेरर फंडिग आदि संभावनाएं रहती हैं। साथ ही, राजस्व की क्षति भी होती है। इसमें कॉल करने वाले की पहचान छिपी रहती है और उसे ट्रैस करना भी मुश्किल होता है। नूर मोहम्मद को बड़ी संख्या में प्री-एक्टीवेटेड सिम देने वाले रिटेलर्स और इस गैंग में शामिल अन्य सदस्य भी एटीएस के रडार पर हैं।
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