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बहुत शातिर निकला नूर मोहम्मद: हर रोज ऐसे कमा रहा था पांच हजार, भंडाफोड़ होने पर उड़े अफसरों के होश, एक अरेस्ट

Sat, 11 Nov 2023 01:58 PM IST
मेरठ ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ

सार

Meerut News : एटीएस की टीम ने डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन के अधिकारियों के साथ मौके पर छापा मारा। छापामारी के दौरान नूर मोहम्मद उर्फ शाकिब पुत्र सहाबुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया गया।
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आरोपी गिरफ्तार। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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एटीएस ने परिक्षितगढ़ पुलिस के साथ मिलकर अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का पर्दाफाश किया है। एक आरोपी को मौके पर गिरफ्तार किया गया है। मौके से तीन सिम बॉक्स, पांच राउटर, छह मोबाइल, एक लैपटॉप और एयरटेल व बीएसएनएल के 342 सिम कार्ड समेत अन्य सामान बरामद किया है। इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

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एटीएस के इंस्पेक्टर राजीव त्यागी ने बताया कि सर्विलांस के माध्यम से सूचना मिली थी कि परीक्षितगढ़ में बढ़ला रोड स्थित राजा मोहल्ला निवासी त्रिलोक सिंह पुत्र लखवीर सिंह के मकान के एक कमरे में अवैध टेलीफोन एक्सचेंज संचालित किया जा रहा है। एटीएस की टीम डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन के अधिकारियों के साथ मौके पर छापा मारा। यहां से मवाना के मोहल्ला कल्याण निवासी नूर मोहम्मद उर्फ शाकिब पुत्र सहाबुद्दीन को गिरफ्तार किया गया। नूर मोहम्मद अपने साथियों के साथ मिलकर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पहुंचाते हुए अवैध टेलीफोन एक्सचेंज संचालित कर रहा था। अंतरराष्ट्रीय काॅल को लोकल कॉल में तब्दील कर कम दामों में बात करवाते थे।

इंस्पेक्टर राजीव त्यागी ने नूर मोहम्मद के अलावा दिलशाद पुत्र मोहम्मद जरीफ निवासी मोहल्ला कल्याण सिंह और नैडी के खिलाफ धोखाधड़ी, इंडियन वायरलेस टेलीग्राफी एक्ट और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया। नूर मोहम्मद को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

दुबई में बैठा नैडी संचालित करा रहा था अवैध टेलीफोन एक्सचेंज
दुबई में बैठा नैडी नाम का व्यक्ति परीक्षितगढ़ में अवैध टेलीफोन एक्सचेंज संचालित करा रहा था। नूर मोहम्मद ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है। वह पावरलूम में कपड़ा बुनने का कार्य करता था। नैडी से नूर मोहम्मद का संपर्क फेसबुक के माध्यम से हुआ था। नैडी ने कोरियर के माध्यम से नूर मोहम्मद के पास सिम बॉक्स भेजा था।

नूर मोहम्मद ने परीक्षितगढ़ में किराए पर कमरा लेकर हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्शन लगवा लिया और एक लैपटॉप खरीदा। नैडी ने वीडियो कॉल और एनीडेस्क साॅफ्टवेयर के माध्यम से सेट अप लगवा दिया। इसके अलावा मोबाइल सिम अन्य सामान भैसाली रोडवेज बस स्टैंड पर बस से भिजवा दिए।

पांच पैसे प्रति कॉल की दर से कमा रहा था डेढ़ लाख रुपये महीना, टेरर फंडिंग की भी आशंका
नैडी ने नूर मोहम्मद को प्रति कॉल पांच पैसे प्रति कॉल देने का ऑफर दिया था और इसके लिए सैटअप लगाने के कहा। नूर मोहम्मद को यह ऑफर अच्छा लगा और उसने कमरा किराए पर लेकर सेट अप तैयार करा लिया। जिससे उसे पांच हजार रुपये रोजाना की कमाई होने लगी। नैडी समय-समय पर उसके बैंक खाते में रुपये ट्रांसफर करता रहता था।

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एडीजी एटीएस मोहित अग्रवाल ने बताया कि बीते कई दिनों से मेरठ क्षेत्र में इंटरनेशनल गेटवे को बाईपास कर विदेशों (मिडिल ईस्ट देशों) से आने वाली अंतरराष्ट्रीय कॉल्स को अवैध टेलीफोन एक्सचेंज के माध्यम से लोकल कॉल्स में परिवर्तित करने की सूचना मिल रही थी। इससे रेडिक्लाइजेशन, हवाला, टेरर फंडिग आदि संभावनाएं रहती हैं। साथ ही, राजस्व की क्षति भी होती है। इसमें कॉल करने वाले की पहचान छिपी रहती है और उसे ट्रैस करना भी मुश्किल होता है। नूर मोहम्मद को बड़ी संख्या में प्री-एक्टीवेटेड सिम देने वाले रिटेलर्स और इस गैंग में शामिल अन्य सदस्य भी एटीएस के रडार पर हैं।

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