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रैपिड को लेकर चल रहे निर्माण कार्य से डायवर्जन हुआ तो इनसे होगी परेशानी

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रैपिड को लेकर चल रहे निर्माण कार्य से डायवर्जन हुआ तो इनसे होगी परेशानी
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मेरठ। शहर की यातायात व्यवस्था भी ट्रैफिक पुलिस व प्रशासन के गले की फांस बनती जा रही है। कोरोना संक्रमण को लेकर सप्ताह में दो दिन लॉकडाउन रहता है और उसके बावजूद वाहनों का आवागमन इतना नहीं है, जितना कुछ माह पहले तक रहता था। लेकिन उसके बावजूद शहर में लगातार जाम की समस्या बन रही है। आने वाले कुछ माह बाद जैसे ही रैपिड रेल को लेकर चल रहे निर्माण कार्य के चलते शहर में रोडवेज बसों का डायवर्जन होगा तो यह टेंपो/ऑटो व ई रिक्शा और भी मुसीबत खड़ी करेंगे। इनके डायवर्जन का ट्रैफिक पुलिस के पास अभी तक कोई प्लान नहीं है।
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, शहर की सड़कों पर करीब 13 हजार टेंपो/ऑटो दौड़ रहे हैं। इनके अलावा सात हजार ई रिक्शा शहर और शहर से सटे मार्गों पर चल रहे हैं। जबकि आरटीओ में पांच हजार ई रिक्शाओं का ही पंजीकरण है। बेगमपुल से लेकर बच्चा पार्क हापुड़ अड्डा, गढ़ रोड पर मेडिकल कॉलेज तक पहले से ही नो टेंपो जोन है। दीपावली के बाद जैसे ही रैपिड के निर्माण कार्य को लेकर परतापुर तिराहे से दिल्ली रोड पर मोदीपुरम तक निर्माण कार्य में तेजी आएगी तो रोडवेज बसों का डायवर्जन किया जाएगा लेकिन अभी तक यह नहीं हो सका है कि शहर में दौड़ रहे ई रिक्शा व टेंपो का किस रूट से संचालन कराया जाए, ताकि लोगों की समस्या का समाधान हो। ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि टेंपो की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जबकि शहर में पहले से ही कुछ स्थानों पर जाम जैसी समस्या है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
एसपी यातायात जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि ई-रिक्शा व ऑटो का संचालन आरटीओ के अंतर्गत आता है। शहर में यातायात व्यवस्था के लिए कुछ समस्याएं हैं। ई रिक्शा व ऑटो को लेकर जल्द ही उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
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