फरारी की योजना में शामिल नहीं हुआ रोहित तो कर दी गई थी हत्या
मेरठ। नशा मुक्ति केंद्र में रोहित की हत्या करकेभागने वाले आरोपी संदीप व अनूप ने पूछताछ में कई राज खोल दिए। आरोपी संदीप ने पुलिस को बताया है कि उसे शक था कि उसकी पत्नी संपत्ति बेच सकती है, जिस वजह से वह नशा मुक्ति केंद्र से मुक्त होना चाहता था। 15 दिन पहले फरारी की योजना बनाई थी। रोहित योजना में शामिल नहीं हुआ और केंद्र संचालक को सारी बातें बताने की बातें कही थी, इसी वजह से उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेजा गया।
टीपी नगर थानाक्षेत्र के शिवपुरम कॉलोनी में अवैध तरीके से चले रहे नशा मुक्ति केंद्र में रविवार को रोहित की हत्या उसके साथी संदीप और अनूप ने कर दी थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एसपी सिटी विनीत भटनागर ने आरोपी से पूछताछ की। आरोपी संदीप ने बताया है कि वह 16 महीने से नशा मुक्ति केंद्र में था। उसे शक था कि उसकी पत्नी संपत्ति बेच सकती है, जिस वजह से वह नशा मुक्ति केंद्र से वापस घर लौटना चाहता था। जबकि परिवार के लोगों ने इलाज के नाम पर उसे जबरन वहां रोका हुआ था।
एक महीने पहले नशा मुक्ति केंद्र में परतापुर के कुंडा निवासी अनूप व टीपी नगर के शेखपुरा निवासी रोहित आ गए। संदीप ने दोनों साथियों को अपने परिवार की बात बताई और भागने की योजना के बारे में बताया। अनूप ने उसकी बात मान ली, लेकिन रोहित योजना में शामिल नहीं हुआ और कहने लगा कि वह शिवम राजपूत (नशा मुक्ति केंद्र संचालक) को बता देगा। जिसके बाद संदीप ने अनूप के साथ मिलकर रोहित को मारकर वहां से भागने की योजना बनाई।
अनूप ने पैर पकड़े और संदीप ने गला घोंटा
दोनों आरोपियों ने पहले रोहित के हाथ पीछे बांधे। रोहित ने शोर मचाया तो उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि इसके बाद आरोपी अनूप ने रोहित के पैर पकड़ लिए और संदीप ने चादर से उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। शव बेड के अंदर डालकर भाग गए। बेड के बाहर रोहित का एक पैर रह गया था, जिसे शिवम की मां ने देख लिया था।
परिवार से भी पुलिस ने की पूछताछ
वारदात के बाद आरोपी संदीप अपने साथी अनूप को लेकर कंकरखेड़ा में पहुंच गया था। उसने अपने एक दोस्त से संपर्क साधा और मोबाइल लेकर कई जगह बात की। दोनों जंगल में ट्यूबवेल पर रुके थे। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने संदीप के परिजनों को थाने बुलाया और पूछताछ की। परिजनों ने कहा कि संदीप नशे का आदी था, इसी वजह से पूरा इलाज कराने के लिए ही नशा मुक्ति केंद्र में रोका हुआ था।
नशा मुक्ति केंद्र संचालक पर कार्रवाई होगी
एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि नशा मुक्ति केंद्र अवैध तरीके से चल रहा था। डीएम और सीएमओ को चिट्ठी लिखी गई है। नशा मुक्ति केंद्र की जांच कराई जाए और फिर उनके खिलाफ कार्रवाई हो। जिले में जहां नशा मुक्ति केंद्र चल रहे है, उनकी जांच स्वास्थ्य विभाग करें। मानकों के विरुद्ध नशा मुक्ति केंद्र चलाने वाले संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट दें, ताकि पुलिस कार्रवाई कर सके।