नोटिस के बाद भी नहीं भेजे वाहन, दर्ज होगी एफआईआर
मेरठ। नोटिस के बाद भी चुनाव के लिए वाहन न भिजवाने पर स्वामियों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। परिवहन अधिकारियों का कहना है कि 2300 लोगों को नोटिस भेजे गए थे। इनमें से करीब 500 लोगों ने ही अपने वाहन दिए हैं। वाहन नहीं देने वालों की तहरीर बनकर तैयार है। अगर मंगलवार सुबह 9 बजे तक वाहन उपलब्ध नहीं कराए तो संबंधित थानों में तहरीर देकर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
मतदान के लिए परिवहन विभाग से करीब 1200 हल्के वाहनों की मांग की गई थी। इसके लिए विभाग ने जनपद के करीब 2300 लोगों को नोटिस देकर उनके वाहनों का अधिग्रहण किया था। इन सभी को अपने वाहन चालक सहित 7 फरवरी को कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम और पुलिस लाइन में उपलब्ध कराने थे।
एआरटीओ कुलदीप कुमार ने बताया कि जिन वाहन स्वामियों ने नोटिस के बाद भी अपने वाहन उपलब्ध नहीं कराए हैं, उनके खिलाफ कार्यवाही की तैयारी कर ली गई है। मंगलवार तक वाहन उपलब्ध नहीं कराए तो संबंधित थानों में तहरीर देकर एफआईआर कराई जाएगी।
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एक वर्ष की सजा का है प्रावधान
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा-167 के अधीन दंडनीय है। उल्लंघन की दशा में संबंधित वाहन स्वामी को एक वर्ष का कारावास अथवा अर्थदंड अथवा दोनों हो सकते हैं।