पुलिस के मुताबिक, कंचनपुर घोपला गांव निवासी विशाल पुत्र ओमपाल और भूपेंद्र पुत्र ब्रजमोहन 26 अगस्त की शाम बाइक पर गांव से निकले थे। इसके बाद से दोनों घर नहीं लौटे। दोनों के मोबाइल स्विच ऑफ हो गए। विशाल के परिजनों ने 30 अगस्त को परतापुर थाने में विशाल की गुमशुदगी दर्ज कराई। पांच सितंबर को भूपेंद्र के परिजनों ने परतापुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई तो पुलिस की नींद खुली। इंस्पेक्टर क्राइम नरेंद्र कुमार ने गांव पहुंचकर पड़ताल की तो सामने आया कि दोनों एक साथ लापता हुए हैं। इसके बाद पुलिस को पता चला कि विशाल के गांव की युवती सोनिया से प्रेम संबंध हैं। सोनिया की तीन महीने पहले शादी हो चुकी है।
विशाल और सोनिया के बीच प्रेम संबंध की जानकारी पति प्रिंस को हो गई थी। इसके बाद प्रिंस गांव आया था। उसकी विशाल से कहासुनी भी हुई थी। पुलिस ने सोनिया के घर जाकर पूछताछ की तो वह टॉयलेट में छिप गई। पुलिस ने सोनिया को पकड़ा तो उसने बताया कि उसके पति प्रिंस ने उससे कहा था कि विशाल का उसने इंतजाम कर दिया है। पुलिस ने प्रिंस को पकड़ा तो उसने सनसनीखेज वारदात का खुलासा किया।
पत्नी के मोबाइल से मैसेज करके विशाल को बुलाया गंगनहर
प्रिंस ने पुलिस को बताया कि शादी के कुछ दिन बाद ही उसने सोनिया को विशाल से मोबाइल पर मैसेज करते हुए पकड़ लिया था। उसने सोनिया को विशाल से दूर रहने को कहा तो सोनिया अपने घर आ गई। उसने प्रिंस के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की तहरीर दे दी। गांव के लोगों ने दोनों में फैसला कराकर सोनिया को प्रिंस के साथ भेज दिया। इसके बाद विशाल सोनिया को उसकी अश्लील क्लिप भेजकर बात करने को मजबूर करने लगा। इसके चलते विशाल और प्रिंस के बीच कहासुनी भी हुई। 25 अगस्त को विशाल अपने दोस्त के साथ सोनिया के घर गया। उस समय प्रिंस वहां पर नहीं था। प्रिंस के एक दोस्त ने उसे बताया कि विशाल उसके घर आया था। इसके बाद प्रिंस ने घर जाकर पत्नी सोनिया का मोबाइल छीन लिया और अपने दोस्त आकाश उर्फ गोलू और चंदर के साथ मिलकर वारदात की प्लानिंग की।
उसने सोनिया के मोबाइल से विशाल को मैसेज किया और कहा कि 26 अगस्त की रात को वह उससे गांव के बाहर गंगनहर पर आकर मिले। विशाल अपने दोस्त भूपेंद्र के साथ शाम को गांव से निकला। दोनों ने शराब पी। प्रिंस लगातार सोनिया के मोबाइल से उसको मैसेज करता रहा। रात करीब साढ़े 11 बजे विशाल बाइक से भूपेंद्र को साथ लेकर गंगनहर पर पहुंच गया। वहां प्रिंस और उसके दोस्त आकाश और चंदर ने उन्हें पकड़ लिया। विशाल और भूपेंद्र नशे में होने के कारण वहां से भाग नहीं सके। प्रिंस ने दोस्तों के साथ मिलकर विशाल की पिटाई शुरू कर दी। उसे गंगनहर में धक्का दे दिया। बकौल आरोपी विशाल को नहर में फेंके जाने के बाद भूपेंद्र भी नहर में कूद गया।
मैं नहीं मारता तो वह मुझे मार देता
आरोपी प्रिंस ने बताया कि अगर वह विशाल को नहीं मारता तो वह मुझे मार देता। विशाल ने सोनिया के मोबाइल पर मैसेज भी किया था कि प्रिंस को रास्ते से हटाना है। ऐसे में मैंने दोस्तों के साथ उसे मारने की प्लानिंग की।
शक न हो इसलिए मोबाइल शताब्दीनगर में फेंक दिए
प्रिंस और उसके दोस्तों ने दोनों के मोबाइल स्विच ऑफ कर दिए थे। इसके बाद विशाल की बाइक लेकर तीनों शताब्दीनगर आए। दोनों के मोबाइल को फेंककर चले गए। विशाल की बाइक को भी नहर में फेंक दिया। भूपेंद्र का मोबाइल एक सितंबर को ऑन हुआ तो परिजनों की कॉल भी गई। इसके बाद फोन स्विच ऑफ हो गया। पुलिस का मानना है कि हो सकता है कि फोन शताब्दीनगर में किसी को मिला हो और उसने ऑन किया हो।
पत्नी से कहा, मैंने उसका इंतजाम कर दिया
सोनिया की विशाल से बात नहीं हो पाई तो वह बेचैन हो गई। इस पर प्रिंस ने उससे कहा कि उसे भूल जा, मैंने तेरे उसका इंतजाम कर दिया है। सोनिया ने अपनी बहन को फोन करके यह बात बताई तो उसने गांव में विशाल के बारे में पूछा। पता चला कि वह 26 अगस्त की रात से लापता है। सोनिया को शक हो गया कि प्रिंस ने उसे मार दिया है। इसके बाद वह अपने घर आ गई। मोहल्ले वालों को शक हुआ तो उन्होंने पुलिस को विशाल और सोनिया के प्रेम प्रसंग के बारे में जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने प्रिंस को पकड़ लिया। प्रिंस ने पूछताछ में दोस्तों के नाम बताए तो पुलिस ने आकाश और चंदर को भी गांव से गिरफ्तार कर लिया।
एक साल पहले सोनिया को ले गया था विशाल
पुलिस के मुताबिक, एक साल पहले विशाल गांव से सोनिया को लेकर चला गया था। गांव की युवती को ले जाने का दबाव पड़ा तो वह लौट आया। इसके बाद परिजनों ने फरवरी 2023 में सोनिया की जानी के सिसोला निवासी प्रिंस से कर दी थी। विशाल, भूपेंद्र और सोनिया तीनों अनुसूचित जाति समाज से हैं। विशाल प्राइवेट नौकरी करता है। विशाल के पिता ओमपाल मजदूरी करते हैं। भूपेंद्र लोहे की ढलाई का काम करता है। भूपेंद्र एक साल का था, जब पिता की मौत हो गई थी।
युवकों के परिजनों ने किया परतापुर थाने में हंगामा
वारदात के विरोध में विशाल और भूपेंद्र के परिजन महिलाओं के साथ परतापुर थाने पहुंच गए। हंगामा करते हुए घेराव कर दिया। घंटों लोग थाने में धरना देकर बैठे रहे। विशाल की मां राजेश ने रोते हुए बताया कि वह परतापुर थाने में आकर रोज बेटे की बरामदगी की गुहार लगाती रही, लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी। भूपेंद्र की मां धर्मवती और बहन अन्नू ने बताया कि उनके बच्चे का तो कोई कसूर नहीं था। वह तो कुछ समय से ही विशाल को जानता था, ऐसे में उसके साथ वारदात क्यों की गई।
समीर ने दिया चौंकाने वाला बयान, बोला मैंने भूपेंद्र को देखा
इंस्पेक्टर क्राइम नरेंद्र कुमार के मुताबिक, गांव के युवक समीर ने किसी से कहा कि उसने भूपेंद्र को पांच-छह दिन पहले मोदीनगर में एक युवक के साथ बैग लेकर जाते देखा था। पुलिस इस बयान से हैरान है। समीर ने किसी ओर युवक को देखा या फिर वह सच बोल रहा है, इसका जवाब अभी किसी के पास नहीं है।