हस्तिनापुर (मेरठ)। बिजनौर बैराज से गढ़मुक्तेश्वर तक वन आरक्षित क्षेत्र से होकर गुजरने वाली मध्य गंग नहर का रविवार को जैसे ही जलस्तर कम हुआ तो शिकारी ने इसमें जहरीली दवाई डाल दी। इसमें मौजूद मछलियां काफी संख्या में मर गईं।
वन्य अभ्यारण्य क्षेत्र में जंगली जीवों के शिकार पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग की टीम पूरी तरह सतर्क है, फिर भी शिकारी नए-नए तरीके खोज रहे हैं। वन अभ्यारण्य क्षेत्र के बड़े भूभाग से मध्य गंग नहर होकर गुजरती है। इसमें जंगली जीव अपनी प्यास बुझाते हैं। वहीं इसी पानी में मछलियों का भी रहवास है।
रविवार की सुबह बिजनौर बैराज से मध्य गंग नहर का जलस्तर कम हो गया। जलस्तर कम होते ही शिकारी ने रामराज के समीप मध्य गंग नहर में जहरीली दवाई डाल दी। जहां तक जहरीली दवाई का असर हुआ वहां तक मध्य गंग नहर की मछलियां मर गईं। कुछ मछली दवाई के सेवन के कारण ऊपर आ गई, जिनका शिकार करने के लिए सैकड़ों लोग मध्य गंग नहर के आसपास घूमते नजर आए। मामले की सूचना वन विभाग की टीम को मिली तो नहर में दवाई डालने वाले असामाजिक तत्वों का पता लगाया गया, परंतु कोई सुराग नहीं मिला।
दवाई डालते ही नशे में होती हैं मछलियां
मछली पकड़ रहे एक व्यक्ति ने बताया कि मध्य गंग नहर का पानी कम होते ही कुछ लोग मछलियों के शिकार के लिए जहरीली दवाई डालते हैं, जहां तक दवाई का असर होता है वहां तक पानी में मौजूद मछलियां बेहोश हो जाती हैं और ऊपर आ जाती हैं। इससे उन्हें शिकार करने में आसानी होती है, जबकि दवाई के सेवन से शिकारी को ज्यादा हानि नहीं होती।
जांच कर की जाएगी कार्रवाई
सूचना मिलने पर टीम को मौके पर भेजा गया। मध्य गंगनहर में जहरीला पदार्थ बिजनौर की सीमा में डाला गया है। वहां से मछली बहकर आगे की ओर ओर आ गई। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। -रविकांत चौधरी, क्षेत्रीय रेंजर, हस्तिनापुर